ट्रांसजेंडर लोगों के लिए मुफ़्त बस यात्रा; दिल्ली सरकार ने इस समुदाय के लिए ‘पिंक कार्ड’ की सुविधा बढ़ाई
समावेशिता को बढ़ावा देने के मकसद से, दिल्ली सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि शहर में रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य अब दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और परिवहन विभाग के क्लस्टर बस नेटवर्क द्वारा चलाई जाने वाली सभी बसों में मुफ़्त यात्रा कर सकेंगे।
जस्टिस न्यूज
इस फ़ैसले को सोमवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान मंज़ूरी दी गई।
कैबिनेट ने सभी DTC और क्लस्टर बस रूटों पर मौजूदा मुफ़्त बस यात्रा योजना में ट्रांसजेंडर यात्रियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा उसी तरह लागू की जाएगी, जिस तरह दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए अभी मुफ़्त यात्रा योजना उपलब्ध है।
इस योजना के तहत, दिल्ली के योग्य ट्रांसजेंडर निवासी DTC और क्लस्टर बसों में मुफ़्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए पात्र होने के लिए, लाभार्थियों का दिल्ली का निवासी होना और संबंधित ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा जारी किया गया एक वैध पहचान प्रमाण पत्र होना ज़रूरी है। यह प्रमाण पत्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 5 और 6 के तहत जारी किया जाता है।
इस फ़ैसले को एक अहम कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद इस समुदाय के लिए सार्वजनिक परिवहन को ज़्यादा सुलभ, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है।
उन्होंने कहा कि सही मायने में समावेशी शासन तभी हासिल होता है, जब सरकार हर समुदाय को गरिमा के साथ पहचान देती है और सार्वजनिक सेवाओं तक सभी की समान पहुँच सुनिश्चित करती है।
उन्होंने कहा, “यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से और मज़बूती से जोड़ने में मदद करेगी और उन्हें अपने रोज़मर्रा के जीवन में जिन व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें कम करेगी।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य ज़रूरी ज़रूरतों के लिए यात्रा करना आसान हो जाएगा।
साथ ही, उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला समाज में संवेदनशीलता और समानता का एक मज़बूत संदेश भी देगा। सरकार ऐसी नीतियों और पहलों को बढ़ावा देना जारी रखेगी, जो सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय गरिमा को मज़बूत करती हैं।
**ट्रांसजेंडर लोगों को ‘पिंक कार्ड’ कैसे मिलेगा?**
इस योजना के तहत, समुदाय के सदस्यों को सबसे पहले ज़िला मजिस्ट्रेट से ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। यह प्रमाण पत्र मिलने के बाद, वे लगभग 50 निर्धारित केंद्रों पर ‘पिंक कार्ड’ के लिए आवेदन कर सकेंगे; इन केंद्रों में ज़िला मजिस्ट्रेटों, उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों (SDM) के कार्यालय और कुछ चुनिंदा DTC केंद्र शामिल हैं। यह कार्ड बहुत कम डॉक्यूमेंट्स के आधार पर जारी किया जाएगा और इसे लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से लिंक किया जाएगा। आवेदक की उम्र (पांच साल से ज़्यादा) और दिल्ली का निवासी होने की पुष्टि के लिए आधार वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पात्रता सुनिश्चित होगी और डुप्लीकेशन रोका जा सकेगा।
पिंक कार्ड मिलने के बाद, ट्रांसजेंडर लोग DTC बसों में मुफ़्त यात्रा कर सकेंगे, ठीक वैसे ही जैसी सुविधा महिलाओं को मिलती है। इसी स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो, RRTS और दूसरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं में यात्रा करते समय किराया देने के लिए भी किया जा सकता है।









