नव-बौद्धों को जाति जनगणना 2027 में अपनी जाति को पंजीकृत कराना क्यों है जरूरी, धर्म परिवर्तन के बाद दलित पहचान के स्वरूप और आरक्षण संबंधी अधिकारों की सुरक्षा पर बहस शुरू !
भारतीय राज्य की आरक्षण व्यवस्था अभी भी जाति-आधारित ऐतिहासिक उत्पीड़न को आधार बनाकर चलती है। इसलिए नव-बौद्धों के सामने एक द्वंद्व उपस्थित होता है। पहला आध्यात्मिक रूप से जाति का त्याग किन्तु संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु कानूनी रूप से […]






