44 दिन की पदयात्रा रैली में बदली, 20 हजार से अधिक लोग शामिल, 5 अक्टूबर तक अधिसूचना न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि 5 अक्टूबर तक अधिसूचना जारी नहीं होती है, तो 5 अक्टूबर से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा|
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन के बैनर तले रविवार को बिंदुखत्ता के हजारों निवासियों ने जड़ सेक्टर स्कूल में एकत्र होकर लालकुआं मुख्य बाजार से होते हुए तहसील परिसर के पास स्थित हॉट बाजार परिसर तक विशाल रैली निकाली। लगातार 44 दिन से चली जागरूकता पदयात्रा रविवार को विशाल रैली के रूप में तब्दील हो गई। आयोजकों के अनुसार रैली में क्षेत्र के लगभग 20,000 से अधिक बिंदुखत्ता निवासियों ने भाग लिया। आंदोलन पूर्णतः गैर-राजनीतिक रहा।
जड़ सेक्टर स्कूल में एकत्रित हजारों बिंदुखत्तावासियों को वन अधिकार संगठन व पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन हमारे अधिकारों का है। पीढ़ी दर पीढ़ी निवास करने के बाद भी हमें अपने मूल अधिकार नहीं मिल रहे हैं। हम आजादी से पहले से यहां रहने वाले लोग हैं, जिन्हें आजादी के बाद भी राजस्व गांव की सुविधा नहीं मिल पाई।
रैली के संयोजक पूर्व सैनिक संगठन के कैप्टन इंद्र सिंह पानेरी, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, संध्या डालाकोटी, दीपक जोशी, एडवोकेट तरुण जोशी, राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी, श्याम सिंह रावत सहित दर्जनों लोगों ने संबोधित किया। जबकि संचालन पूर्व यूसीडीएफ अध्यक्ष भरत सिंह नेगी व नंदन बोरा ने किया।
वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैडा से संवाद किया। कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में वहां उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम हल्द्वानी और एसडीएम लालकुआं तथा वन विभाग के डीएफओ सहित उनकी टीम मौजूद रही।
शायद यह पहला आंदोलन है, जिसमें ज्ञापन नहीं दिया गया। कैबिनेट स्तर के मंत्री से सीधे वार्ता हुई। मंत्री ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि वे 10 से 15 दिन के भीतर शासन में स्थायी समाधान के लिए बैठक आयोजित कराएंगे। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता ठीक नहीं है। मंत्री ने कहा कि आंदोलन हो या न हो, वे इस मामले का ठोस समाधान निकालेंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि 5 अक्टूबर तक अधिसूचना जारी नहीं होती है, तो 5 अक्टूबर से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। वन अधिकार संगठन ने कहा कि 5 अक्टूबर तक प्रतिदिन ग्राम स्तर पर चर्चा-परिचर्चा जारी रहेगी। रैली को समर्थन देने के लिए वन संघर्ष मोर्चा के एडवोकेट तरुण जोशी, रामनगर से मुनीष कुमार, गौलापार से पूर्व सैनिक नन्दन बिष्ट तथा उनके साथ लगभग दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









