दलित आशा नाथ जीएस कौन हैं, जिन्हें तिरुवनंतपुरम का डिप्टी मेयर बनाकर BJP ने सबको चौंकाया
केरल निकाय चुनाव कि रिजल्ट आए। वी.वी. राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मेयर बनने जा रहे हैं। इसके साथ ही वह शहर के राजनीतिक इतिहास में एक अहम उपलब्धि दर्ज कराने वाले हैं। उनके साथ तिरुवनंतपुरम की डेप्युटी मेयर होंगे आशा नाथ।
भाजपा ने कुल 100 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज कर अपने दम पर बहुमत हासिल किया। एलडीएफ को 29 सीटें मिलीं, जबकि यूडीएफ 19 सीटों पर सिमट गया। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया था। 9 दिसंबर को नतीजे घोषित होने के बाद से ही भाजपा में मेयर पद को लेकर गहन मंथन चल रहा था। राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के लिए दो बार नई दिल्ली का दौरा किया, जिससे इस फैसले के राजनीतिक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। पार्टी के भीतर मेयर पद के लिए वी.वी. राजेश और हाल ही में सेवानिवृत्त हुई पूर्व पुलिस महानिदेशक आर. श्रीलेखा के नामों पर चर्चा चल रही थी। अंततः भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद राजेश के नाम पर सहमति बनी।
आशा नाथ के नाम ने किया हैरान
जैसा कि उम्मीद थी, वी.वी. राजेश तिरुवनंतपुरम के महापौर बनेंगे। बीजेपी ने उम्मीद के अनुरूप उनके नाम का ऐलान किया, लेकिन तिरुवनंतपुरम डेप्युटी मेयर के नाम ने हर किसी को हैरान कर दिया है। बीजेपी ने आशा नाथ जीएस को उप महापौर बनाने का ऐलान किया है।
बीजेपी से तीन बार पार्षद आशा
वी.वी. राजेश दो बार पार्षद, राज्य सचिव, पूर्व युवा मोर्चा राज्य अध्यक्ष और पूर्व भाजपा तिरुवनंतपुरम जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछली विधानसभा में वे विपक्ष के वास्तविक नेता थे और उन्होंने सीपीआईएम शासित नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक सत्याग्रह का नेतृत्व किया था। उन्होंने 2021 में वट्टियूरकावु सहित विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से कई विधानसभा चुनाव लड़े हैं। आशा नाथ जी.एस. तिरुवनंतपुरम में तीन बार भाजपा पार्षद रह चुकी हैं।
दलित समुदाय से आती हैं आशा
आशा नाथ दलित समुदाय से संबंध रखती हैं। उन्होंने 2021 में चिरायिनकीझु से विधानसभा चुनाव लड़ा और पार्टी के वोट शेयर में 7% की वृद्धि की। वे सोशल मीडिया पर पार्टी का एक लोकप्रिय और मुखर चेहरा हैं, जिनके फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 1.8 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड की सलाहकार समिति की सदस्य भी हैं।
राजनीति में ऐसे हुई एंट्री
युवा और अनुभवी व्यक्तित्व का संगम मानी जाने वाली आशा नाथ जीएस ने पहली बार 2017 में पप्पानमकोड वार्ड से उपचुनाव जीतकर नगर निगम में प्रवेश किया था। भाजपा नेता करुमम चंद्रन, जिन्होंने 2015 में पप्पानमकोड वार्ड से जीत हासिल की थी, आशा के चाचा हैं। दुर्भाग्यवश, चंद्रन की 2017 में लोहे का डिब्बा इस्तेमाल करते समय बिजली का झटका लगने से मृत्यु हो गई थी। इस घटना ने आशा को चुनाव लड़ने और पप्पानमकोड में भाजपा का गढ़ बरकरार रखने के लिए प्रेरित किया।
सीपीएम की एडवोकेट सिंधु को हराया
2025 में, आशा का नया निर्वाचन क्षेत्र करुमम था, जो वार्ड परिसीमन के बाद नवगठित हुआ था। उनकी अपार लोकप्रियता के कारण, पार्टी को आशा को यहां से उम्मीदवार बनाने में ज़रा भी संकोच नहीं करना पड़ा। आशा ने सीपीएम की एडवोकेट सिंधु को 1081 वोटों के आरामदायक बहुमत से हराया। नगर निगम में पार्षद के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी, आशा सभी आंदोलनों में अग्रणी रही थीं।
आशा नाथ के पति कौन
आशा नाथ ने केरल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वह केमेस्ट्री से बीएससी हैं। उनकी स्कूलिंग एमएसआर हायर सेकेंड्री स्कूल त्रिवेंद्रम से हुई है। उनके पति का नाम शिवा कुमार है। आशा की एक बेटी और एक बेटा है।
सौजन्य :नवभारत टाइम्स
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