पांडे का भाषण सुनें और इसे वायरल करें; कांग्रेस पार्टी के नेता ने लिंक शेयर कर दलितों से क्यों की ऐसी अपील?
पांडे नेअपने भाषण मेंकहा, ‘उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां पिछड़ी जातियों में 79 जातियां और अनुसूचित जातियों में 61 जातियां हैं। इन 79 पिछली जातियों मेंसारेआरक्षण का मजा सिर्फ एक यादव जाति उठा रही है।’
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्वसांसद डॉ उदित राज ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश सीबी पांडे के भाषण का एक वीडियो शेयर किया और दलित समाज के लोगों से इसे वायरल करने का अनुरोध किया। उदित राज ने ऐसा पांडे के भाषण से प्रभावित होकर नहीं किया, बल्कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि इस भाषण के जरिए वह दलित वर्ग के लोगों को कुछ बताना चाह रहेथे। जिसका इशारा उन्होंनेअपनी इस पोस्ट में भी किया। उन्होंने बताया कि इस सभा में पांडे नेआरक्षण खत्म करनेके लिए दलितों व ओबीसी समुदायों को आपस में लड़ाने की बात कही। पांडे ने कहा कि इनकी एकता टूटेगी और आरक्षण खुद खत्म हो जाएगा। इसी भाषण को शेयर करते हुए उदित राज ने कहा कि दुर्भाग्य से हमारेलोग समझ नहीं पा रहेहैंऔर आपस में जातिवाद करते हैं और जाति के नाम पर हमनेसंगठन भी खड़ा कर रखा है।
कांग्रेस के दलित नेता ने नैतिक पार्टी के अध्यक्ष पांडे के भाषण की लिंक शेयर करतेहुए लिखा, ‘चमार/जाटव सेअन्य अनुसूचित जातियों को और यादव को शेष ओबीसी की जाति सेलड़ा दो, आरक्षण खत्म हो जाएगा। यह बात नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्वन्यायाधीश सीबी पांडे एक सवर्णसभा मेंबोल रहेहैं। कह रहेहैंउत्तर प्रदेश में 61 एससी और 79 ओबीसी जातियां हैं। उनके बीच में जाकर प्रचार करेंचमार और यादव आरक्षण का लाभ लेरहें। इनकी एकता टूटेगी और आरक्षण खुद खत्म हो जाएगा। दुर्भाग्य से हमारे लोग समझ नहीं पा रह हैं और आपस मेजातिवाद करतहैंऔर जाति के नाम पर संगठन खड़ा कर रखा है। जागें-
चमार/जाटव से अन्य अनुसूचित जातियों से और यादव को शेष ओबीसी की जाति से लड़ा दो, आरक्षण खत्म हो जाएगा । नैतिक पार्टी के राष्ट्री य अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश सी बी पांडे एक सवर्ण की सभा में बोल रहे हैं। कह रहे हैं उप्र में 61 एससी और 79 ओबीसी जातियां हैं। उनके बीच में जाकर प्रचार करें और अधिक दिखाएं
उदित राज नेनैतिक पार्टी के अध्यक्ष पांडे के भाषण का जो लिंक शेयर किया, उसमेंवह कह रहेहैं..’इन आरक्षणवादियों की सबसे बड़ी ताकत हैगोलबंदी, पिछड़े और दलितों के नाम पर गोलबंदी। अगर आप पिछड़े और दलितों की गोलबंदी तोड़ दीजिए, समाधान हो जाएगा। कैसेतोड़ेंगेबस एक लाइन मेंमैंआपको बता देता हूं। उत्तर प्रदेश की बात करेंतो यहां पिछड़ी जातियों में 79 जातियां और अनुसूचित जातियों में 61 जातियां हैं। यूपी की इन 79 पिछली जातियों मेंसारेआरक्षण का मजा सिर्फ एक यादव जाति उठा रही है। उसी तरह अनुसूचित जातियों के आरक्षण में सारी 61 जातियों का फायदा अकेले चमार और जाटव जाति ले रही है।’
आगे उन्होंने लोगों से सवाल पूछनेके लहजे में कहा, ‘क्या आप उनके पास जाकर नहीं बता सकतेकि सारे हक तुम्हारा वो ले रहे हैं और सबके नेता बनेहुए हैं, सबके सरदार बने हुए हैं। यादव जाति बन गई पिछड़ों की सरदार, दलितों के सरदार बन गए चमार और जाटव और वही लड़ाई लड़ रहेहैं। तो वो जो उपेक्षित जातियां हैं, अगर उनको बताया जाता कि तुम्हारा हक ये ले रहे हैं तो वो उपेक्षित जातियां आपके साथ होतीं। जो राजनीतिक समीकरण उन्होंने गोलबंदी बनाकर 85 प्रतिशत किया है, वही जातिगत
समीकरण बनाकर ब्राह्मणों, उपेक्षित जातियों अगर तुम एक साथ हो जाओ तो अपनी-अपनी जातियों की संख्या के आधार पर तुम हक और हिस्सेकी मांग करो। अगर सारी जातियां अपनेहक और हिस्सेकी मांग करनेलगेंगी, तो गोलबंदी टूटेगी और फिर आरक्षणवादियों की ताकत हमेशा-हमेशा के लिए टूटेगी और आरक्षण भी खत्म हो जाएगा।’
सौजन्य :नवभारत टाइम्स
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