उत्तर प्रदेश के बांदा में हमलावरों को ‘राम-राम’ न कहने पर दो दलित बुज़ुर्गों पर हमला
फतेहगंज थाना क्षेत्र के जबरापुर गाँव में, अनुसूचित जाति के दो बुज़ुर्गों, भगत वर्मा (60) और कल्लू श्रीवास (70) पर मंगलवार शाम कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया। आरोपों के अनुसार, यह हमला तब शुरू हुआ जब पीड़ितों ने खड़े होकर हमलावरों का ‘राम-राम’ नहीं कहा। हमलावरों ने कथित तौर पर जाति-आधारित गालियाँ दीं और एक बुज़ुर्ग से 500 रुपये लूट लिए।
जस्टिस न्यूज
यह घटना उस समय हुई जब पीड़ित अपने खेतों में काम कर रहे थे। भगत की लाठियों से पिटाई की गई और बीच-बचाव करने की कोशिश करने पर कल्लू को चाकू मार दिया गया। आस-पास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव नहीं किया और हमलावर पीड़ितों को धमकाकर भाग गए। भगत के बेटे गंगाराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने मारपीट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, सीओ प्रवीण कुमार ने सुझाव दिया कि शिकायतकर्ताओं ने हमलावरों की संलिप्तता को बढ़ा-चढ़ाकर बताया होगा और मृतक अपराधी अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया से उनके संबंध होने का दावा किया होगा, जिसका गिरोह कथित तौर पर अब सक्रिय नहीं है। मामले की जाँच जारी है।









