जातिगत भेदभाव के पचड़े में फंसी ‘धड़क 2’, ‘Dalit Lives Matter’ को लेकर छिड़ा विवाद, जानें क्या है मामला?
Dhadak 2: सिद्धांत चतुवेर्दी और तृप्ति डिमरी काफी समय से अपनी अपकमिंग फिल्म ‘धड़क 2’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. जो जातिगत भेदभाव के बड़े पचड़े में फंसती नजर आ रही है. चलिए जानते हैं आखिर क्या है ये पूरा मामला.
Dhadak 2: सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी इन दिनों अपनी मच अवेटेड फिल्म ‘धड़क 2’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं, जिसको सेंसर बोर्ड (CBFC) की ओर से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने फिल्म में जातिगत भेदभाव को दिखाने वाले कुछ सीन और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है. इस वजह से फिल्म का सर्टिफिकेशन अटक गया है, जिससे इसकी रिलीज में देरी हो सकती है.
पहले ये फिल्म नवंबर 2024 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे 2025 तक टाल दिया गया. खबरों के मुताबिक, इसे होली वीकेंड (14 मार्च 2025) पर रिलीज करने की प्लानिंग थी, लेकिन अभी तक प्रमोशन शुरू नहीं हुआ है. बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में दिक्कत आ रही है. एक सूत्र के मुताबिक, ”धड़क 2′ जातिगत मुद्दों पर आधारित एक लव स्टोरी है. सेंसर बोर्ड की एग्जामिनिंग कमेटी (EC) ने इसकी सराहना की.
सेंसर बोर्ड ने जताई आपत्ति
लेकिन इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए ये तय करने में वक्त लग रहा है कि इसे कौन-सा सर्टिफिकेट दिया जाए. साथ ही ये तय किया जाना है कि क्या किसी सीन को हटाने की जरूरत है या नहीं. जब तक सेंसर बोर्ड फिल्म को मंजूरी नहीं देता, तब तक मेकर्स इसके प्रमोशन को आगे नहीं बढ़ा सकते. ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेकर्स सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं. अगर फिल्म को मंजूरी मिल जाती है, तो इसे 14 मार्च को ही रिलीज किया जाएगा. लेकिन अगर सर्टिफिकेशन में ज्यादा समय लगा, तो फिल्म की रिलीज को फिर से आगे बढ़ाया जा सकता है.
तमिल फिल्म का रीमेक है ‘धड़क 2’
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि ‘धड़क 2’ तमिल फिल्म ‘परियेरुम पेरुमाल’ की रीमेक है, जिसे सेंसर बोर्ड से किसी तरह की परेशानी नहीं हुई थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब ओरिजनल फिल्म बिना किसी रोकटोक के रिलीज हुई, तो हिंदी रीमेक पर आपत्ति क्यों हो रही है? एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, ”धड़क 2′ मेकर्स ने वही कहानी बनाई होगी, जो तमिल फिल्म में दिखाई गई थी. ऐसे में जब ‘परियेरुम पेरुमाल’ को कोई दिक्कत नहीं हुई, तो ‘धड़क 2′ को परेशानी क्यों हो रही है?’.
जातिगत भेदभाव के पंगे में फंसी फिल्म
इस विवाद के चलते फिल्म चर्चा में छाई हुई है. फिल्म के मोशन पोस्टर में भी इसके जातिगत भेदभाव वाले विषय की झलक देखने को मिली थी. इसके टैगलाइन में लिखा था, ‘एक था राजा, एक थी रानी. जात अलग थी, खत्म कहानी’. इससे साफ है कि फिल्म में एक ऐसी प्रेम कहानी दिखाई गई है, जो जात-पात के कारण मुश्किलों में पड़ती है. इसके अलावा, पोस्टर के बैकग्राउंड में ‘Dalit Lives Matter’ लिखा हुआ था, जिससे साफ हो गया कि फिल्म में समाज से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया गया है.
‘धड़क’ में दिखाई गई थी सेम कहानी
बता दें, इससे पहले 2018 में आई ‘धड़क’ में भी ऐसा ही मुद्दा दिखाया गया था. उस फिल्म में ईशान खट्टर और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में थे और ये मराठी फिल्म ‘सैराट’ की हिंदी रीमेक थी. साथ ही ये फिल्म ईशान और जान्हवी की डेब्यू फिल्म थी. जहां एक और ‘सैराट’ को जबरदस्त सराहना मिली थी. वहीं तरफ, ‘धड़क’ उतनी सफल नहीं रही थी. अब देखना होगा कि क्या ‘धड़क 2’ अपनी रिलीज में आ रही रुकावटों को पार कर पाएगी या नहीं.
साभार : ज़ी न्यूज़ इंडिया
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