संसद में राहुल का चुनाव आयोग पर हमला, एक ही बिल्डिंग में 7000 वोट कैसे बढ़े
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संसद में बजट पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सोमवार 3 फरवरी को चुनाव आयोग पर जबरदस्त हमला बोला और कुछ तथ्य भी बताये। राहुल के सीधे निशाने पर पीएम मोदी कम लेकिन उनकी नीतियों पर तीखा हमला रहा। लेकिन महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का मामला ज्यादा गंभीर होता जा रहा है।
बढ़े हुए मतदाताओं पर आज तक चुनाव आयोग जवाब नहीं दे पाया है और लीपापोती करता रहता है। महाराष्ट्र में जब-जब स्थानीय लोगों ने उसे चुनौती दी तो उन्हें धमकियां भी मिलीं। लेकिन राहुल के सोमवार के हमले ने केंद्रीय चुनाव आयोग को कटघरे में फिर खड़ा कर दिया है।
राहुल गांधी ने संसद में सीधे-सीधे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे पर संदेह जताया। राहुल ने कहा- “लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र की मतदाता सूची में लगभग 70 लाख नए मतदाता जोड़े गए। यह हिमाचल प्रदेश की जनसंख्या जितनी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह महाराष्ट्र चुनाव के बारे में कुछ जानकारी साझा करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ”हिमाचल प्रदेश जितनी 70 लाख अतिरिक्त आबादी ने महाराष्ट्र में मतदान किया है। दिलचस्प बात यह है कि ये सभी नए मतदाता उन निर्वाचन क्षेत्रों में हैं जहां भाजपा जीती है।”
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों की मतदाता सूची मांग रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग ने इसे साझा करने से इनकार कर दिया है। नेता विपक्ष ने कहा- “मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि चुनाव आयोग हमें महाराष्ट्र चुनाव की मतदाता सूची देने से क्यों इनकार कर रहा है। हमें और बाकी विपक्ष को महाराष्ट्र लोकसभा और विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची न देकर क्या मकसद पूरा होगा? इससे चुनाव आयोग को क्यों कोई नुकसान होगा? वे हमें सूची क्यों नहीं दे रहे हैं?”
महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति 288 में से 235 सीटें जीतकर सत्ता में आई है। भाजपा ने अकेले 132 सीटें जीतीं। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पहले ही कहा था कि चुनाव नतीजों में “कुछ गड़बड़” है जो अप्रत्यक्ष रूप से गलत काम का संकेत दे रहा है।
बेरोजगारी का मुद्दा उठायाः कांग्रेस सांसद राहुल ने युवकों की बेरोजगारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि न तो यूपीए शासनकाल में और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बेरोजगारी की समस्या को हल किया। इस देश का भविष्य भारत के युवा तय करने वाले हैं। मुझे लगता है कि हम जो कुछ भी करें, उनके मद्देनजर नीतियां बनना चाहिए। हमारे सामने पहली बात यह है कि भले ही हम बड़े हो गए हैं और अभी भी बढ़ रहे हैं, लेकिन हम बेरोजगारी की सबसे बड़ी समस्या से निपटने में सक्षम नहीं हैं।
सौजन्य: सत्या
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