कांग्रेस व भाजपा दलित विरोधी पार्टी, दलितों को रखा वंचित
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने दलितों का शोषण किया, संकीर्ण भावना के चलते कांग्रेस पार्टी ने संविधान निर्माता डॉं. भीमराव अंबेडकर को सम्मान नहीं देते हुए भारत रत्न नहीं दिया। बाद में वीपी सिंह की सरकार ने अंबेडकर को भारत रत्न दिया।
वह शुक्रवार को नदबई में हुई जनसभा को संबोधित कर रही थीं। बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में नदबई कस्बे में कृषि मंडी परिसर में की गई जनसभा में उन्होंने कांग्रेस व भाजपा को जमकर कोसा। बसपा सुप्रीमो ने बसपा पार्टी को दलित व शोषित वर्ग की पार्टी बताते हुए प्रदेश में दलित व शोषित वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए बसपा को मजबूत करने को कहा। साथ ही कांग्रेस व भाजपा पार्टी को पूंजीपतियों की पार्टी बताते हुए दलित व शोषित वर्ग के लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को दलित विरोधी पार्टी बताते हुए केन्द्र सरकार की ओर से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण करने पर भी सवालिया निशान लगाते हुए एससी व ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस केन्द्र पर लम्बे समय से सत्ता में रही लेकिन इनकी सरकारों ने कभी अति पिछड़े वर्ग के हितों के बारे में नहीं सोचा। कांगे्रस ने उस वक्त मण्डल कमीशन लागू नहीं किया। कांग्रेस को उन्होंने दो मुंही पार्टी बताते हुए कहा कि इन्होंने अति पिछड़े और शोषित वर्ग के बारे में कभी नहीं सोचा, ये पार्टी केवल दोगली बातें करती है। सभा में भरतपुर से बसपा प्रत्याशी गिरीश चौधरी व नदबई प्रत्याशी खैमकरण तौली ने पार्टी का प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।
फिर निकला ईवीएम में गड़बडी का जिन्न
जनसभा में एक बार फिर ईवीएम मशीन में गड़बडी का जिन्न निकलता दिखाई दिया। जब, बसपा सुप्रीमो ने पहले वैलेट पेपर से मतदान होने पर चार बार उत्तरप्रदेश में बसपा की सरकार बनने व ईवीएम मशीन में गड़बड़ी कर दलित एवं शोषित वर्ग की आवास दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस व भाजपा सहित अन्य पार्टियों की ओर से कार्यकर्ताओं को लुभावने प्रलोभन व मुफ्त की रेवडिय़ां बांटने पर भी जमकर कटाक्ष किया। साथ ही सत्ता में आने के बाद घोषणाओं के साथ जनता के साथ छलावा करने का आरोप लगाते हुए बसपा की ओर से घोषणा पत्र बनाने के स्थान पर सिर्फ लोगों की समस्याओं का समाधान करने व विकास को प्राथमिकता देने के बारे में बताया।
सौजन्य : Patrika
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