हमीरपुर में रैली निकालकर जताया रोष
हमीरपुर : केंद्रीय ट्रेड यूनियन व राष्ट्रीय फेडरेशन के आह्वान पर सीटू जिला कमेटी हमीरपुर ने दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन हजारों मजदूरों ने मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ हमीरपुर के हर गांव में रैली निकालकर नारेबाजी की। मजदूर, कर्मचारी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र, दलित विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल व विरोध प्रदर्शनों में सैंकड़ो मजदूरों ने पूरे जिलाभर में भागीदारी की। सीटू सयुंक्त सचिव सुरेश कुमार राठौर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के हित में कार्य कर रही है व मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है।
पिछले 100 वर्षों में बने 44 श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं अथवा लेबर कोड बनाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। सरकार फैक्टरी मजदूरों के लिए 12 घंटे के काम करने का आदेश जारी करके उन्हें बंधुआ मजदूर बनाने की कोशिश कर रही है। आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे-मील योजन कर्मियों के निजीकरण की साजिश की जा रही है। सीटू जिला भर के गांव यूनियन के प्रदर्शनों के जरिए मांग की है कि सभी मजदूरों को ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, नियमित रोजगार, पेंशन, दुर्घटना लाभ आदि सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। सेवारत कर्मचारियों की 50 वर्ष की आयु व 33 वर्ष की नौकरी के बाद जबरन रिटायर करना बंद किया जाए। सेवाकाल के दौरान मृत कर्मचारियों के आश्रितों को बिना शर्त करुणामूलक आधार पर नौकरी दी जाए।
सौजन्य : Divya himachal
नोट : यह समाचार मूलरूप से divyahimachal.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !









