अखिलेश यादव को पिछड़ों के बाद दलितों का मिलेगा साथ? भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने की मुलाकात
यूपी में विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे करीब आ रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। भाजपा के कई मंत्रियों और विधायकों ने पिछले दो दिनों में अखिलेश यादव में आस्था जताते हुए समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी है। यूपी के पिछड़े वर्ग से आने वाले इन नेताओं के पाला बदलने से समाजवादी पार्टी की ताकत में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।
पिछड़े वर्ग के नेताओं के बाद अब दलितों का भी साथ अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को मिलता नजर आ रहा है। भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। चंद्रशेखर पश्चिमी यूपी में दलितों के बीच गहरी पैठ रखते हैं। सपा गठबंधन में आने की बात उनकी काफी समय से चल रही है। पश्चिमी यूपी में कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा है।
माना जा रहा है कि गठबंधन का औपचारिक ऐलान जल्द हो जाएगा। असल में गठबंधन में पिछड़े वर्ग के बड़े चेहरे तो आ गए हैं लेकिन गठबंधन में दलित वर्ग के बड़े चेहरे की कमी सपा महसूस कर रही है। अब इस पार्टी के गठबंधन में लेने से सपा इसकी कमी कुछ हद तक पूरी कर सकती है। बसपा की काट के लिए सपा इसे महत्वपूर्ण मान रही है।
पश्चिमी यूपी में रालोद के साथ पहले से ही समाजवादी पार्टी का गठबंधन है। किसानों का मामला इसी इलाके में सबसे ज्यादा गरम रहा है। इसके कारण भाजपा पहले से ही इस इलाके में मुसीबतों का सामना कर रही है। चंद्रशेखर के भी सपा के साथ आने के बाद भाजपा की भी मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सौजन्य : Live hindustan
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