फिरौती के लिए पड़ोसियों ने की थी सोनू की हत्या
गावां (गिरिडीह) : सेरूआ दलित टोला के 18 वर्षीय सोनू रविदास का शव उसके लापता होने के पांच दिन बाद शुक्रवार को सेरुआ पुल के बगल स्थित नदी में झाड़ियों के पास बरामद किया गया। पुलिस ने इस मामले में सोनू की हत्या करने वाले उसके पड़ोस के ही तीन युवक सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की मानें तो रविवार शाम लगभग छह बजे गावां बाजार के एक मेडिकल स्टोर से काम कर घर लौटने के क्रम में सोनू गायब हुआ था और अपराधियों ने डेढ़ घंटे के अंदर ही उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस को उसके गायब होने की सूचना भी रात दस बजे के आसपास मिली थी।
खोरीमहुआ एसडीपीओ मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोनू के गांव के ही तीन युवकों ने घटना को अंजाम दिया है। आरोपितों में सेरूआ के दलित टोला के रहने वाले संतोष, मुन्ना और संदीप हैं। ये तीनों एक सप्ताह पूर्व ही गिरिडीह जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं। जेल से छूटने के पांचवें दिन ही इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। तीनों आरोपितों ने एक नाबालिग के साथ गैंगरेप की थी। इस मामले में वे लोग जेल में बंद थे। गैंगरेप केस में बहुत खर्च हो गया था। जमीन भी बिक गई थी। उसी की भरपाई के लिए इस कांड को अंजाम दिया गया है। इसके लिए आरोपितों ने जेल से छूटने के बाद सोनू के संपर्क में आकर उसके साथ खाना-पीना शुरू कर दिया था। पिछले तीन-चार दिन से रोज शाम को तीनों सोनू के साथ पार्टी करते थे। इसमें शराब भी होती थी। आरोपितों का मकसद सोनू की हत्या कर उसके शव को छुपा कर इसे अपहरण का मामला बनाना था। आरोपित यह जानते थे कि वे लोग सोनू को साथ नहीं रख सकते। इसके लिए उनलोगों ने 14 नवंबर की शाम को सेरुआ पुल के निकट पुन: बियर पिया, चिकेन खाया और धान के खेत में ले जाकर सोनू की हत्या कर दी।
फिर उसके शव को जमीन में गाड़ दिया और संतोष व मुन्ना उसका मोबाइल लेकर मुंबई फरार हो गए, जबकि संदीप यहीं रह गया। उनलोगों ने सोनू के ही मोबाइल से स्वजनों से वाट्सएप काल और मैसेज के माध्यम से चार लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती के लिए इनलोगों ने उत्तर प्रदेश के बस्ती निवासी दीपक निषाद और दीपक कुमार का बैंक खाता नंबर स्वजनों को दिया था। वाट्सएप काल के कारण पुलिस पता लगाने में परेशान थी, लेकिन जब अकाउंट नंबर दिया गया तो पुलिस ने इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई और इस कांड का खुलासा किया। इस मामले में मुंबई से संतोष मुसहर और मुन्ना मुसहर, हैदराबाद से दीपक निषाद, यूपी के बस्ती से दीपक कुमार और गावां से संदीप मुसहर की गिरफ्तारी हुई है। संदीप मुसहर की निशानदेही पर ही सोनू का शव बरामद किया गया। मुंबई, हैदाराबाद और यूपी के बस्ती से गिरफ्तार आरोपितों को गिरिडीह लाया जा रहा है।
सात राज्यों में पुलिस की आठ टीम ने की थी छापेमारी : सोनू की हत्या के बाद मुन्ना व संतोष दिल्ली, हैदराबाद, यूपी, मुंबई, बिहार समेत कई राज्यों में घूमते रहे। इसके लिए पुलिस की आठ टीम गठन किया गया था, जिसमें गावां, तिसरी, जमुआ, लोकाय, थानसिंहडीह के थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर को शामिल किया गया था। इस दौरान अपराधियों ने चार मोबाइल के सिम कार्ड भी बदले हैं। उसके पता को पुलिस ट्रेस करती थी। अपराधी अपना सिम बदल लेते थे। इस कारण अपराधियों की गिरफ्तारी में चार दिन लग गए। मामले का खुलासा करने में एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो, साइबर डीएसपी संदीप सुमन, इंस्पेक्टर परमेश्वर लियांगी, थानसिंहडीह थाना प्रभारी, सकील अहमद, लोकाय थाना प्रभारी पप्पू कुमार, गावां थाना प्रभारी सूरज कुमार समेत जमुआ व धनवार के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
सौजन्य : Dainik jagran.com
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