मानवता शर्मसार; दलित व्यक्ति के हाथ पैर तोड़े, मुंह पर किया पेशाब; रवि कुमार दलित बोले, तुरंत हो एक्शन, नहीं तो होगा आंदोलन
शिमला में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। यहां पर एक दलित व्यक्ति को कुछ गुंडों ने पहले पीटा, फिर हाथ-पांव तोड़ने के बाद मुंह पर पेशाब कर दिया। पीड़ित दलित व्यक्ति की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने कुछ लोगों को जंगल में लकड़ी काटते हुए देखा था, इसकी शिकायत वन विभाग को दी थी। इसी को लेकर कुछ दबंगों ने उस पर हमला कर दिया।
इस मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और पीड़ित दलित के कपड़ों को भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, पीड़ित दलित व्यक्ति का आईजीएमसी में इलाज चल रहा है, फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता व्यक्ति संजय कुमार ढली पटगैहर का रहने वाला है। दो दिन पहले उसे एक व्यक्ति ने कॉल करके बुलाया और अपनी गाड़ी में बिठाकर ले गए। मारपीट करने के बाद उसे मृत समझकर वापस उसके घर के पास फेंक दिया।
परिजन बुधवार देर रात 12 बजे 108 एंबुलेंस में आईजीएमसी ले आए। यहां पर उसे एडमिट किया गया है। पुलिस ने भी पीड़ित व्यक्ति से अस्पताल में ही बयान दर्ज किए, अब इस मामले में केस दर्ज हुआ है। एसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर हिमाचल भीम आर्मी ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संयोजक रवि कुमार दलित का कहना है कि इस तरह से गुंडों की ओर से अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले व्यक्ति की बेहरमी से पिटाई और मुंह पर पेशाब करने की घटना देवभूमि को शर्मसार करने वाली है। ऐसे आरोपियों पर तुरंत एक्शन होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होगी।
पीड़ित के भाई राकेश की जुबानीः बोले- मेरे भाई की गर्दन पर तलवार रख|पीड़ित युवक के भाई ने बताया कि गांव का एक लड़का अर्जुन मेरे भाई को घर से बुलाकर ले गया। उसने मेरे भाई संजय को अपनी गाड़ी में बिठाया और कयाली गांव की ओर ले गया। यहां पर रामलोक नाम के व्यक्ति का घर है। रामलोक फॉरेस्ट में चौकीदार के पद पर काम करता है। पहले मेरे भाई को यहां पर पीटा गया, यहां से मेरे भाई को मारते हुए वापस लाया गया।
मारने वाले करीब पांच लोग थे। यहां से तालो के नाल नामक जगह पर लाया गया। यहां पर एक व्यक्ति हीरा सिंह था, यह आईपीएच में कार्यरत है। एक और व्यक्ति रामानंद था। मेरे भाई को इन लोगों ने इतनी बेहरमी से मारा कि उसकी टांगें तोड़ दी, दोनों बाजू तोड़ दी। आईजीएमसी में अब ऑपरेशन हो रहे हैं। हम गरीब परिवार से हैं, हम एससी केटेगरी से आते हैं। मेरे भाई को मरा समझकर घर के आसपास छोड़ दिया गया। गुंडों ने मेरे भाई की गर्दन पर तलवार रखकर मुंह पर पेशाब किया। मेरे भाई के कपड़े से पेशाब की दुर्गंध आ रही थी। जब हम भाई को अस्पताल लाया तो उस समय डॉक्टरों ने कपड़े खुलवाए और पुलिस को सौंप दिए। हमें इंसाफ चाहिए, पुलिस और सरकार हमारी मदद करें।
पीड़ित की पत्नी बोली आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो| पीड़ित की पत्नी मीना का आरोप है कि मेरे पति को इन गुंडों की ओर से जिंदा जलाने की भी कोशिश की गई है। जिस जगह पति को पीटा वहां पर लकड़ियां इकट्ठी की गई थी। बाद में उन्होंने पति को मरा समझकर छोड़ दिया था। उनका कहना है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सौजन्य :राईट न्यूज़ इंडिया
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