ट्रांसजेंडर्स को मिलेगा सरकारी सहारा, वृद्धाश्रम में रह सकेंगे बेसहारा किन्नर, दूर होगी परेशानी
नई दिल्ली/टीम डिजीटल। वृद्ध एवं बेसहारा किन्नर (ट्रांसजेंडर) को अब सहारा मिल सकेगा। वरिष्ठ किन्नरों को आश्रय पाने और दो जून की रोटी के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए उन्हें दूसरों का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। उन्हें रहने को छत और भरपेट भोजन के अलाव देखभाल की खातिर केयरटेकर भी मिलेगा।
सीनियर ट्रांसजेंडर को मौका
इसकी एवज में किसी प्रकार का शुल्क चुकाने की जरूरत नहीं होगी। गाजियाबाद जनपद में वृद्ध एवं बेसहारा किन्नरों (ट्रांसजेंडर्स) की बड़ी समस्या जल्द दूर हो जाएगी। जरूरतमंद किन्नरों के लिए भी वृद्धाश्रम के दरवाजे खोल दिए गए हैं। गरीब, बीमार, बेसहारा और वृद्ध ट्रांसजेंडर स्वेच्छा से वृद्धाश्रम में रह सकेंगे।
दूसरों पर खत्म होगी निर्भरता
60 साल या उससे अधिक आयु के ट्रांसजेंडर को सरकारी सहारा मिलने का रास्ता खुल गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम सर छोटूराम छात्रावास दुहाई में वरिष्ठ ट्रांसजेंडर को रखने की व्यवस्था की गई है। वृद्धाश्रमों में निवासरत वृद्धजनों को ध्यान में रखकर मानक एवं मापदंड निर्धारित हैं।
एकांकी जीवन से मिलेगी निजात
इन्हीं मानक एवं मापदंड के आधार पर वहां ट्रांसजेंडर को रखा जाएगा। वृद्धाश्रम में प्रत्येक वरिष्ठ ट्रांसजेंडर के रहने, खान-पान, चिकित्सीय जांच एवं उपचार तथा देखभाल की भरपूर व्यवस्था रहेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमर जीत सिंह के मुताबिक वृद्धाश्रम में रहने के लिए वृद्ध किन्नर को आवेदन करना होगा।
किन्नरों के लिए जगह चिन्हित
आवेदन पत्र मिलने के उपरांत अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने सीनियर ट्रांसजेंडरों को वृद्धाश्रमों में रखने की अनुमति प्रदान कर दी है। ऐसे में विभाग ने अपने स्तर से आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उधर, गाजियाबाद की विभिन्न कॉलोनियों में काफी संख्या में किन्नर रह रहे हैं।
इन स्थानों पर ज्यादा आबादी
दिल्ली गेट, सराय नजर अली, कैला भट्टा, पुराना विजय नगर, मौसम विहार, पसौंडा, गरिमा गार्डन, खोड़ा कॉलोनी, भोवापुर, शहीद नगर, लोनी, डासना, मुरादनगर एवं मोदीनगर में किन्नर रह रहे हैं। किन्नरों के अलग-अलग ग्रुप हैं। अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से वह काम करते हैं। प्रत्येेक ग्रुप की कमान सीनियर किन्नर संभालता है।
सौजन्य : Navodayatimes
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