ट्रांसजेंडर बिल अधिकारों का उल्लंघन करता है, इसे रोकें: CPI ने राष्ट्रपति से कहा
एक बयान में, CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद बिल पास करने के लिए BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की।
जस्टिस न्यूज
चेन्नई: CPI ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में प्रस्तावित संशोधनों वाले बिल को अपनी मंज़ूरी न दें और उसे वापस भेज दें। पार्टी का आरोप है कि ये संशोधन मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत निजता का उल्लंघन करते हैं।
एक बयान में, CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद बिल पास करने के लिए BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की।
उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित बदलाव संवैधानिक गारंटियों का उल्लंघन करते हैं, और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसलों, जिनमें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) मामला और के.एस. पुट्टास्वामी मामला शामिल हैं, के विपरीत हैं।
CPI ने आरोप लगाया कि इन संशोधनों से ट्रांसजेंडर व्यक्ति हाशिए पर चले जाएँगे और उन्हें ज़्यादा भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ेगा। पार्टी ने मज़बूत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसजेंडर समुदायों के साथ परामर्श करने की माँग की।









