दलित परिवार का आरोप- कोर्ट आदेश, फिर भी एसडीएम ने बदली खातेदारी
माधोराजपुरा उपखंड में 20 करोड़ रुपए की 17 बीघा जमीन को लेकर एसडीएम कोर्ट के एक फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पीड़ित दलित परिवार ने एसडीएम माधोराजपुरा राजेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और पक्षपात का आरोप लगाते हुए सीएम और जयपुर कलेक्टर संदेश नायक से शिकायत की है।
हरसूलिया गांव निवासी पीड़ित पारस वर्मा ने बताया कि 45 साल पुराने इस विवाद में सिविल कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को उनकी रजिस्ट्री को वैध माना था। आरोप है कि इसके बावजूद एसडीएम कोर्ट ने 16 जून 2026 को राजस्थान टेनेंसी एक्ट के नियमों को ताक पर रख साढ़े 4 दिन सुनवाई में एससी वर्ग की खातेदारी भूमि एसटी वर्ग के नाम डिक्री कर दी।
फ्लैट में बुलाया, दबाव बनाया
पारस का आरोप है कि 3 जून को उन्हें सांगानेर एयरपोर्ट के पास नंदिनी अपार्टमेंट स्थित एक फ्लैट में बुलाया गया, जहां एसडीएम खुद मौजूद थे और समझौते का दबाव बनाया। प्रस्ताव ठुकराने पर पुलिस के जरिए गिरफ्तारी की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत सीएमओ, एसीबी और अनुसूचित जाति आयोग में की गई है।
न्यायिक फैसला है: SDM
आरोपों पर एसडीएम राजेश कुमार का कहना है, यह न्यायिक फैसला है। यदि किसी पक्ष को आपत्ति है तो आरएए से लेकर रेवेन्यू बोर्ड तक अपील के दरवाजे खुले हैं, वे अपील करने के लिए स्वतंत्र हैं।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









