हाईकोर्ट आदेश के बाद भी नहीं मिला घर:दलित विधवा ने लेखपाल पर लगाए गंभीर आरोप, बेटे ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
दलित, विकलांग और वयोवृद्ध विधवा सीतापति को हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन द्वारा कब्जा दिलाई गई भूमि पर दोबारा हस्तक्षेप किया जा रहा है। वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं।
तिलोई तहसील के पूरे भट्ठा मजरे आजादपुर निवासी सीतापति ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय लेखपाल अखंड प्रताप सिंह ने उन्हें बिना सूचना दिए गाटा संख्या 2309 पर नसीम नामक व्यक्ति के पक्ष में खूंटा गाड़ दिया। विरोध करने पर लेखपाल ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया, दस्तावेज फेंक दिए और धमकी दी। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले में 10 हजार रुपये की मांग की गई।
पीड़िता के पुत्र देवी प्रसाद ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने लेखपाल को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश और अन्य राजस्व अभिलेख दिखाए, तो लेखपाल ने कथित रूप से कागजात फाड़कर फेंक दिए। देवी प्रसाद का दावा है कि लेखपाल ने कहा, “हाई कोर्ट को अपनी जेब में रखता हूं।” परिवार ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीतापति का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और न्याय पाने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी अमेठी और राजस्व विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने, अपनी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की है।
इस संबंध में जब क्षेत्रीय लेखपाल अखंड प्रताप सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
सौजन्य : दैनिक भास्कर
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