दलित महिला का घर बुलडोजर से गिराने का आरोप:प्रशासन पर लगा बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, महिला ने मांगी जांच
प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र के छिड़ी गांव में दलित महिला माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी ने इस कार्रवाई को अवैधानिक और असंवैधानिक बताते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से अराजी संख्या 1014 पर बने कच्चे-पक्के मकान में रह रहा था। यह भूमि बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि उनका परिवार वर्षों से इसी मकान में जीवन-यापन कर रहा था।
महिला का आरोप है कि ग्राम प्रधान की शिकायत के बाद तहसील प्रशासन पुलिस बल, बुलडोजर और कुछ स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। इसके बाद उनके मकान को ध्वस्त कर दिया गया।
माला देवी ने बताया कि प्रशासन ने कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया। उनका आरोप है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए उनके घर को गिरा दिया गया, जिससे उनका पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
माला देवी ने 20 जून को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी और न्याय की गुहार लगाई थी। उनका कहना है कि इस शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और कुछ समय बाद ही उनके मकान पर बुलडोजर चला दिया गया।
पीड़िता और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन व शासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार ने उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की भी मांग की है।
इस मामले में फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई थी।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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