‘अब सिर्फ़ फ़िक्शन लिखूंगा’: पूर्व आर्मी चीफ़ जनरल MM नरवणे ने अपनी बिना छपी किताब पर हुए हंगामे के बाद कहा
नई दिल्ली: पूर्व आर्मी चीफ़ जनरल MM नरवणे ने कहा कि अब वह सिर्फ़ फ़िक्शन लिखेंगे। यह बात उन्होंने शुक्रवार को एक बुक साइनिंग इवेंट में कही।
जस्टिस न्यूज
नरवणे की अभी तक रिलीज़ न हुई किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ पर पिछले महीने संसद में काफ़ी हंगामा हुआ था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक मैगज़ीन में छपे इस किताब के कुछ हिस्सों का ज़िक्र करते हुए PM नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2020 में लद्दाख में भारत-चीन के बीच हुई सैनिक झड़पों के दौरान “अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाई”।
उन्होंने आगे कहा, “मैं हमेशा से समय-समय पर लिखता रहा हूँ, सिर्फ़ सैनिक रिपोर्ट ही नहीं, बल्कि आर्मी के अलग-अलग एकेडमिक जर्नल के लिए भी। मैंने कुछ छोटी कहानियाँ भी लिखी हैं, जिनमें से एक तो ‘फेमिना’ में भी छपी थी। अब मैं सिर्फ़ फ़िक्शन लिख रहा हूँ।”
उन्होंने कहा, “मेरी किताब ‘द कैंटोनमेंट कॉन्स्पिरेसी’ पिछले साल रिलीज़ हुई थी। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पहली बार लिखने वाले किसी लेखक के लिए, जिसे लिखने का कोई अनुभव नहीं था, यह किताब काफ़ी अच्छी रही। एक सैनिक से कहानीकार बनने का यह सफ़र और इस किताब को लिखना मेरे लिए काफ़ी दिलचस्प अनुभव रहा। इसलिए मुझे इसे लिखने में बहुत मज़ा आया, और मुझे पूरा यकीन है कि जो भी इसे पढ़ेगा, उसे भी इसे पढ़ने में उतना ही मज़ा आएगा।”
2 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ के दौरान लोकसभा में काफ़ी तीखी बहस हुई। यह तब हुआ जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक मैगज़ीन में छपे नरवणे की बिना छपी किताब के कुछ हिस्सों का ज़िक्र करने की कोशिश की।
गांधी की बातों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीच में ही रोक दिया। उन्होंने एक ऐसी किताब से जानकारी देने पर आपत्ति जताई जो न तो प्रमाणित थी और न ही अभी तक छपी थी। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी इस कदम का विरोध किया, जिससे सदन में टकराव और बढ़ गया।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब विपक्ष के सांसदों ने ओम बिरला के ख़िलाफ़ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पेश कर दिया। उनका आरोप था कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हालाँकि, संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ‘ध्वनि मत’ से इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया गया।









