मानहानि केस में राहुल गांधी भिवंडी कोर्ट में पेश हुए
भिवंडी: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 2014 के लोकसभा चुनाव कैंपेन के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़े एक क्रिमिनल मानहानि केस के सिलसिले में शनिवार को यहां एक कोर्ट में पेश हुए।
जस्टिस न्यूज
सूत्रों ने कहा कि गांधी की पर्सनल पेशी काफी हद तक प्रोसिजरल थी और उनके पुराने ज़मानतदार शिवराज पाटिल चाकुरकर की हाल ही में हुई मौत की वजह से ज़रूरी हो गई थी, जिन्होंने उनकी ज़मानत की गारंटी दी थी।
पिछले महीने पहले ज़मानतदार की मौत हो गई थी, इसलिए कोर्ट के सामने नई ज़मानत की फॉर्मैलिटीज़ पूरी करनी थीं।
यह मामला 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भिवंडी तालुका के सोनाले गांव में एक पब्लिक रैली से जुड़ा है, जहां गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ज़िम्मेदार है।
इस भाषण के बाद, RSS के पदाधिकारी राजेश कुंटे ने इंडियन पीनल कोड की धारा 500 के तहत एक प्राइवेट शिकायत दर्ज कराई, जिसमें गांधी पर संगठन को बदनाम करने का आरोप लगाया गया।
गांधी की तरफ से वकील नारायण अय्यर ने कहा कि नया ज़मानतदार पेश करने की वजह से पेश होना ज़रूरी था। अय्यर ने बताया, “गांधी का पेश होना ज़रूरी था क्योंकि उनके पहले वाले ज़मानतदार की मौत के बाद नया ज़मानतदार पेश किया गया था। सुनवाई मुख्य रूप से प्रोसिजरल थी।”
गांधी की तरफ से, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रेसिडेंट हर्षवर्धन सपकाल को कोर्ट में नए ज़मानतदार के तौर पर पेश किया गया। अय्यर ने कहा कि सपकाल का ज़मानतदार पेश होने के बाद, गांधी ने बॉन्ड पर साइन किए।
अय्यर ने आगे कहा कि मामला एडवांस स्टेज पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता राजेश कुंटे का मुख्य एग्ज़ामिनेशन और क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन पूरा हो गया है। ट्रायल आगे बढ़ रहा है।”
गांधी के दौरे को देखते हुए, ठाणे पुलिस ने भीड़ को मैनेज करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोर्ट परिसर के आसपास और लोगों को तैनात किया था।









