उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में मंदिर में बैठने पर दलित बुज़ुर्ग पर हमला और पिस्तौल से धमकाया गया
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर ज़िले के मदनापुर गाँव में, एक दलित बुज़ुर्ग को मंदिर में बैठने पर कथित तौर पर पीटा गया और अपमानित किया गया।
जस्टिस न्यूज
रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित, उसी गाँव के 70 वर्षीय नन्हूकू जाटव नामक व्यक्ति ने उन्हें मंदिर में अपनी जगह से उठने के लिए कहा। जब उन्होंने मना किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उन पर हमला किया, उन्हें थप्पड़ मारे और जूतों से मारा। जाटव ने कहा कि उस व्यक्ति ने उन्हें जाति-आधारित गालियाँ भी दीं और पिस्तौल लहराते हुए गोली मारने की धमकी भी दी। जाटव ने पुलिस को बताया, “उसने मुझ पर पिस्तौल लहराई और कहा कि वह मुझे मार डालेगा। मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर घर भागा।”
हमले के बाद, नन्हूकू जाटव अपनी पत्नी के साथ मदनापुर पुलिस स्टेशन पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपनी जान का ख़तरा है और उन्होंने आरोपी से सुरक्षा की गुहार लगाई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदनापुर में दलितों पर अत्याचार की ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कई शिकायतों के बावजूद, पुलिस पहले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है। दलित समुदाय के सदस्यों ने इस हमले पर रोष व्यक्त किया है और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
थाना प्रभारी (एसओ) विश्व जीत प्रताप सिंह ने कहा, “हमें शिकायत मिली है और उचित जाँच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”









