रायबरेली में दलित बस्ती का पुराना रास्ता जेसीबी से खोदा:इंटरलॉकिंग विवाद में दबंगों ने तहसीलदार के जाते ही की कार्रवाई, दलित परिवारों का आवागमन बाधित
रायबरेली जिले के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के बहेरवा मजरे मीरगंज में एक सैकड़ों साल पुराने रास्ते को दबंगों द्वारा जेसीबी से खोद दिया गया है। इस कारण वहां रहने वाले दलित परिवारों का आवागमन बाधित हो गया है।
मामला इंटरलॉकिंग निर्माण का है। गांव के शिव शरण, गायत्री, शीतल दीन और राज कुमार ने बताया कि यह सैकड़ों वर्षों से उपयोग में आ रहा रास्ता है। इस पर पहले से ही खड़ंजे का निर्माण था। वर्तमान प्रधान द्वारा इस रास्ते पर इंटरलॉकिंग का काम कराया जा रहा था।
इसी बीच गांव के रहने वाले अंकित ने दावा किया कि इंटरलॉकिंग उनकी भूमधरी जमीन पर लगाई जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार संभू शरण पांडेय ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने जमीन की पैमाइश के बाद अंकित की भूमिधरी जमीन पर इंटरलॉकिंग के लिए मना किया। साथ ही ग्रामीणों के आवागमन को न रोकने की बात कही।
लेकिन जैसे ही नायब तहसीलदार वहां से गए, इंटरलॉकिंग का निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद विपक्षी अंकित के परिवार के लोगों ने JCB बुलाकर रास्ते को खुदवा दिया। ग्रामीणों ने JCB द्वारा रास्ते को खोदने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है।
ग्रामीणों ने इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी है। लेकिन अभी तक कोई अधिकारी दोबारा मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुरवे में सभी दलित परिवार रहते हैं। अगर रास्ता नहीं खुला तो सभी लोगों का आवागमन बाधित हो जाएगा।
इस प्रकरण में कानून से ज्यादा दबंगों का वर्चस्व दिखाई दे रहा है। स्थानीय प्रशासन से ग्रामीण जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले पर एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी ग्रामीणों द्वारा मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मौके का निरीक्षण कर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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