सहारनपुर में दलित महिला से प्लाट के नाम पर ठगी:कोर्ट के आदेश पर FIR,मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप
सहारनपुर की एक दलित महिला ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) में प्रार्थना पत्र देकर प्लाट के नाम पर ठगी का आरोप लगाया है। प्लाट दिखाकर 4 लाख की ठगी करने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर 8 लोगों पर धोखाधड़ी, मारपीट, जातिसूचक अपशब्दों के साथ अभद्रता व उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला थाना कुतुबशेर क्षेत्र के गांव पीरमाजरा खत्रीवाला का है।
प्लॉट दिलाने के नाम पर 4 लाख की ठगी का आरोप
थाना कुतुबशेर क्षेत्र के गांव पीरमाजरा खत्रीवाला की रहने वाली बबली देवी के अनुसार, 2022 में पीड़िता ने अपने गांव खत्रीवाला स्थित मकान को बेचा था। जिसका पता आरोपियों को लग गया। आरोपियों ने महिला से संपर्क कर जेवीजी कॉलोनी में 145 गज के प्लॉट का सौदा कराया।
आरोप है कि आरोपी रजतपाल, गीता देवी, विनोद कुमार, राजेन्द्र कुमार, विजयपाल, लाल सिंह, शुभम शमा और पंकज कुमार ने उन्हें झांसे में लेकर पहले 2 लाख रुपए नगद लिए और फिर प्लॉट दिखाने के बाद रसीद बनवाकर बैनामा की बात कही। बाद में बेटी की शादी का बहाना बनाकर उन्होंने फिर 2 लाख रुपए और ले लिए।
प्लॉट का बैनामा नहीं, बल्कि प्लॉट बेचने का प्रयास
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने जानबूझकर प्लॉट का बैनामा नहीं कराया और महिला द्वारा कई बार कहने के बावजूद टालमटोल करते रहे। यहां तक कि पीड़िता ने डूडा विभाग से लोन लेकर नींव भराई भी शुरू कर दी थी। बाद में पता चला कि आरोपी किसी दूसरे का प्लाट बेचने के फिराक में थे।
विरोध करने पर मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 26 फरवरी 2025 को जब वह मौके पर जाकर विरोध करने पहुंची तो सभी 8 आरोपियों ने उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा, अश्लील हरकतें कीं और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बेइज्जती की। आरोप है कि रजतपाल ने महिला का कुर्ता फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया। महिला के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग और पति मौके पर पहुंचे, तब जाकर आरोपी वहां से फरार हुए।
थाने में नहीं मिली मदद, SSP को भी लिखा पत्र
पीड़िता ने थाना कुतुबशेर जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन थाने पर पुलिस ने मामले को “जमीनी विवाद” बताकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद महिला ने दिनांक 4 मार्च 2025 को एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक द्वारा शिकायती पत्र भेजा। वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) में मुकदमा दर्ज कराया है।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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