औरंगाबाद में दलित RTI कार्यकर्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, अपराधियों ने पुल के नीचे फेंका शव
औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा थाना क्षेत्र के कंठी बिगहा गांव के समीप एक दलित युवक रंजीत पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक रंजीत पासवान आरटीआई एक्टिविस्ट और निजी चैनल का पत्रकार था। अपराधियों ने घटना को अंजाम देते हुए उसे एक पुलिया के पास गोली मारी और हत्या के बाद फरार हो गए।
बिहार के औरंगाबाद में दलित युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में अपराधियों ने एक दलित आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के कंठी बिगहा गांव के पास हुई। मृतक की पहचान जमुआ गांव निवासी 38 वर्षीय रंजीत पासवान के रूप में हुई, जो एक निजी समाचार चैनल से भी जुड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराते हुए जाम खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
सीने में मारी गोली और पुल के नीचे फेंक दिया शव
मिली जानकारी के अनुसार, रंजीत पासवान अपने घर से औरंगाबाद के लिए निकले थे, तभी अपराधियों ने कंठी बिगहा गांव के पास एक पुलिया के समीप उन्हें रोक लिया। पुलिया पर बैठाकर बातचीत के दौरान अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी और शव को पुल के नीचे फेंककर फरार हो गए।
जान-पहचान होने की आशंका, गोली की आवाज से जुटी भीड़
माना जा रहा है कि रंजीत पासवान अपराधियों को पहचानते थे, इसलिए उनके बुलाने पर रुककर बातचीत करने लगे। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अपराधी बाइक से फरार हो चुके थे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच तेज की
घटना की सूचना मिलते ही कुटुंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। कुटुंबा थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने बताया कि अपराधियों के सुराग जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
सौजन्य: नव भारत टाइम्स
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