MP में दलितों को मंदिर में पूजा से रोका! गांव में बढ़ा तनाव, प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा, जानिए पूरा मामला
खंडवा जिले के मोहना गांव में दलित समाज के लोगों को मंदिर में पूजा करने से रोक दिया. इससे समाज में आक्रोश फैल गया. अखिल भारतीय बलाही महासंघ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग क…
खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मोहना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां दलित समाज के लोगों को मंदिर में पूजा करने से रोका गया. इस भेदभावपूर्ण व्यवहार से समाज में भारी आक्रोश है, जिसे लेकर अखिल भारतीय बलाही महासंघ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी किया गया. दलित समाज के लोगों का कहना है कि गांव के कुछ ऊंची जाति के लोग उन्हें मंदिर में घुसने और पूजा करने नहीं दे रहे हैं.
आज भारत चांद तक पहुंच चुका है और डिजिटल युग में प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है. उसके बाद कुछ लोग छुआछूत जैसी घिनौनी मानसिकता से बाहर नहीं आ पाए हैं. गुरुवार को पुनासा में इस घटना के खिलाफ एक रैली निकाली गई और नर्मदा नगर थाने में ज्ञापन सौंपा गया. समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मंदिर में प्रवेश को लेकर उन्हें बार-बार अपमानित किया जा रहा है. यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है.
गांवों में कायम है जातिगत भेदभाव
मोहना गांव की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह उस मानसिकता का एक उदाहरण है. आज भी कई गांवों में जातिगत भेदभाव होता है. इस प्रदर्शन में मोहना के अलावा आसपास के कई गांवों के दलित समाज के लोग भी शामिल हुए. उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा.
सबके हैं भगवान
दलित समाज के लोगों ने एक बड़ा सवाल उठाते हुए कि जब भगवान सबके हैं तो फिर मंदिर में जाने से उन्हें क्यों रोका जा रहा है? संविधान ने सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दिया है, लेकिन फिर भी आज के समय में इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार कर रही हैं. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को पूरी तरह से गैरकानूनी बताया गया है. इसके बावजूद अगर किसी समुदाय को धार्मिक स्थानों में प्रवेश से रोका जाता है, तो यह कानून की धज्जियां उड़ाने जैसा है.
सौजन्य: हिंदी.न्यूज़ 18
नोट: यह समाचार मूल रूप से https://hindi.news18.com पर प्रकाशित हुआ है और इसका उपयोग विशुद्ध रूप से गैर-लाभकारी/गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों, विशेष रूप से मानवाधिकारों के लिए किया जाता है।








