किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कारावास
किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को बीस साल की सजा संशोधित, किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को बीस साल की सजा
उन्नाव, संवाददाता। पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय ने करीब तीन साल पहले नाबालिग दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के दोषी नाबालिग युवक को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 22 हजार रूपए अर्थदंड़ जुर्माना भी लगाया है। फतेहपुर चौरासी थाना क्षे़त्र के एक गांव में निवासी व्यक्ति ने 10 सितंबर 2021 को नाबालिग पुत्री के साथ गांव में रहने वाले नाबालिग किशोर निर्मल निवासी गाजीखेड़ा थाना फतेहपुर चैरासी पर दुष्कर्म करने , जान से मारने की धमकी व एससी एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी का आरोप था कि 10 सितंबर 2021 की शाम करीब 5.30 बजे उसकी बेटी खेत जाने के लिए घर से निकली थी। तभी पीछे से किशोर निर्मल भी वहां पहुंच गया। किशोर उसे जबरन पास के बाजरे के खेत में खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बेटी के चिल्लाने पर ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से पुत्री को जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। सूचना पाकर पीड़ित पुत्री की मां मौके पर पहुंच गई और पुत्री को साथ लेकर घर आ गई। वादी घटना के वक्त मजदूरी करने गया था। पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। मुकदमें की विवेचना तत्कालीन सीओ सफीपुर बीनू सिंह ने की और आरोपी किशोर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए दो अक्टूबर 2021 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मुकदमें की सुनवाई लगातार अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट नंबर 11 में विचाराधीन थी। मंगलवार को मुकदमें की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता कविता सिंह की ओर से पेश की गई दलीलों व पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए साक्ष्य कों सुनने व देखने के बाद न्यायाधीश विेवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोपी किशोर निर्मल को दोषी ठहराते हुए अलग अलग धाराओं में बीस वर्ष कारावास कैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि उक्त मामले में अधिरोपित अर्थदंड़ की समस्त धनराशि पीड़ित व विधिक संरक्ष को बतौर प्रतिकर पूर्व में शासन द्वारा प्रदत्त प्रतिकर की राशि समायोजित करने के उपरांत शेष राशि नियमानुसार दिलाई जाए।
साभार : लाइव हिंदुस्तान
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