छतरपुर में दलित के हाथ से प्रसाद खाने पर किया बहिष्कार, सरपंच पर आरोप
सरपंच तिवारी का कहना है कि रंजिश के कारण यह शिकायत कराई गई है। आपस में ही यह लोग आपस में एक-दूसरे को नहीं बुलाते होंगे। इस संबंध में उनका कोई लेना-देना नहीं है। बिजावर एसडीओपी शशांक जैन ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
छतरपुर में दलित के हाथ से प्रसाद खाने पर किया बहिष्कार, सरपंच पर आरोप
एसपी कार्यालय शिकायती आवेदन लेकर पहुंचे लोग।
सरपंच ने लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
कहा कि इससे उनका कोई भी लेना-देना नहीं है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। जिले के अतरार गांव में कुछ लोगों ने सरपंच पर छुआछूत को लेकर उनका बहिष्कार कराने का आरोप लगाया है। इस बारे में सात ग्रामीणों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन दिया। उनका कहना है कि मंदिर में प्रसाद चढ़ाने और उसे खाने के कारण उनका बहिष्कार कर दिया गया है। वहीं सरपंच ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
गांव के किसी समारोह में नहीं बुलाते
गांव के राजू कुशवाहा और जगत अहिरवार ने बताया कि मंदिर में 20 अगस्त 2024 को प्रसाद चढ़ाने और उसे खाने के बाद अब उन्हें गांव के किसी भी समारोह में नहीं बुलाया जाता। उनका आरोप है कि सरपंच संतोष तिवारी ने उनका बहिष्कार किया है। इस बारे में दो जनवरी को सटई पुलिस थाने में आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई नहीं होने पर धरना प्रदर्शन और आत्महत्या करने की भी चेतावनी दी।
सौजन्य: नई दुनिया
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