शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ सड़क पर उतरा दलित समाज, शिक्षकों पर हुई कार्रवाई पर किया उग्र प्रर्दशन
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा शिक्षकों पर की गई सख्त कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को बूंदी में दलित समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई।
बूंदी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा शिक्षकों पर की गई सख्त कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को बूंदी में दलित समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। जानकारी के अनुसार बीते दिनों शिक्षा मंत्री ने बारां, सांगोद में कुछ शिक्षकों को निलंबित करने के आदेश दिए थे। दरअसल, बारां जिले के लकड़ाई राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरस्वती पूजा नहीं करने के मामले में एक शिक्षिका हेमलता बैरवा को निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षिका बैरवा पर यह कार्रवाई शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर हुई है। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए बूंदी जिले के दलित समाज ने शुक्रवार को सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। केशवरायपाटन विधायक सीएल प्मी की अगुवाई में रे किए गए प्रदर्शन में दलित समुदाय ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
सरस्वती पूजा नहीं करने पर हुई थी कार्रवाई
विधायक सीएल प्रेमी ने बताया कि बारां जिले के लकड़ाई राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी को सरस्वती की पूजा नहीं करने के मामले को लेकर स्थानीय विद्यालय के दो अध्यापकों और ग्राम वासियों ने मिलकर शिक्षिका हेमलता बैरवा का अपमान कर अभद्रता की गई थी। घटना के विरुद्ध हेमलता बैरवा द्वारा धारा 3 के तहत पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया था, मगर उस पर कार्रवाई नहीं करते हुए राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इशारे पर जिला शिक्षा अधिकारी बांरा द्वारा हेमलता बैरवा को निलंबित कर दिया गया।
शिक्षकों पर कार्रवाई नाकाबिले बर्दाशत
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के अध्यापकों को भी निलंबित किया गया, जो कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षिका हेमलता बैरवा ओर सांगोद इलाके के शिक्षकों पर की गई कार्यवाही के विरोध में समस्त अनुसूचित जाति जनजाति ओबीसी वर्ग के लोगों द्वारा सहित संपूर्ण राजस्थान में बैरवा समाज ने हेमलता बैरवा के साथ हुई घटना से सम्पूर्ण दलित समाजो में रोष व्याप्त है।
प्रदर्शन में बूंदी जिले के बैरवा समाज, बलाई समाज, रैगर समाज,अंबेडकर कल्याण समिति, भीम आर्मी शिक्षक संघ अंबेडकर से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल थे। बूंदी के साथ-साथ कोटा में भी शिक्षिका हेमलता बैरवा के समर्थन में दलित समाज के लोग सड़कों पर सरकार के खिलाफ उतर आए। कोटा में एसी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर आकर भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। कोटा कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेताओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
पुलिस अधिकारियों से हुई तीखी नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट में प्रवेश को लेकर पुलिस से प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने उन्हें कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री मुर्दबाद के नारे लगाए। बाद में पुलिस अधिकारियों ने विधायक सीएल प्रेमी की अगुवाई में 11 सदस्य प्रतिनिधि मंडल को ज्ञापन देने अंदर भेजा। प्रदर्शन के समय सिटी सीओ नरेंद्र पारीक, कोतवाल तेजपाल सैनी, सदर थानाधिकारी भगवान सहाय भारी भरकम पुलिस जाप्ते के साथ तैनात थे।
सौजन्य : सच बेधड़क
नोट: यह समाचार मूल रूप सेsachbedhadak.com में प्रकाशित हुआ है|और इसका उपयोग पूरी तरह से गैर-लाभकारी/गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से मानव अधिकार के लिए किया गया था|









