दलित किशोरी सेरेप के आरोपी पूर्वप्रधान पर दोष सिद्ध
दलित किशोरी के साथ छह माह तक रेप करनेवालेपूर्वग्राम प्रधान पर शनिवार को दोषसिद्ध हो गया है। पांच गवाहों की गवाही और रेप पीड़िता के बच्चे से आरोपी
दलित किशोरी के साथ छह माह तक रेप करने वाले पूर्वग्राम प्रधान पर शनिवार को दोषसिद्ध हो गया है। पांच गवाहों की गवाही और रेप पीड़िता के बच्चे से आरोपी का डीएनए मिलान होने के बाद न्यायाधीश ने पूर्वप्रधान को दोषी करार दिया। अब 23 जनवरी को पूर्वग्राम प्रधान को सजा सुनाई जाएगी।
एडीजीसी नरेंद्र पंवार ने बताया कि चांदीनगर थाना क्षेत्र के गढ़ी कलंरजी गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान नेगांव की ही एक दलित किशोरी के साथ छह माह तक रेप किया था। पीड़िता के परिजनों ने थानेपर दर्ज मुकदमे में बताया था कि वे दलित परिवार से है। ग्राम प्रधान निर्दोष 5 अक्तूबर 2016 को उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर खेत पर लेगया था। इसके बाद उसने पुत्री के साथ रेप किया था। आरोप था कि छह माह तक ग्राम प्रधान उनकी पुत्री के साथ रेप करता रहा। पुत्री नेविरोध किया, तो उसने भाई को मार देनेकी धमकी दी। जिसके चलते पीड़िता ने कुछ नहीं बताया। छह माह बाद जब पुत्री की तबीयत बिगड़ी, तो हकीकत सामनेआई। इसके बाद वेग्राम प्रधान के घर पहुंचे, तो ग्राम प्रधान नेउन्हें धमकी देते हुए भगा दिया। पुलिस ने तभी मुकदमा दर्ज करते हुए तत्कालीन ग्राम प्रधान को जेल भेज दिया था। विवेचक नेचार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। तभी से मुकदमे की सुनवाई न्यायालय मेंचल रही थी। शनिवार को 5 गवाहों की गवाही और रेप पीड़िता के बच्चेका डीएनए आरोपी के डीएनए का मिलान होनेके बाद न्यायाधीश नेआरोपी पूर्वप्रधान निर्दोष को दोषी करा दिया। एडीजीसी नेबताया कि सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख नियत की गई है।
रेप पीड़िता का बच्चा सजा मेंबनेगा मद्दगार
एडीजीसी नरेंद्र पंवार नेबताया कि तत्कालीन ग्राम प्रधान दलित किशोरी से रेप करने की घटना से इंकार कर रहा था, लेकिन रेप पीड़िता किशोरी की कोख से पैदा हुआ बच्चा इस मुकदमे में अहम कड़ी साबित हुआ। बच्चेऔर आरोपी का डीएनए मिलान कराया गया, तो डीएनए का आपस में मिलान हो गया। एफएसएल रिपोर्ट मेंभी रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद शनिवार को पूर्वप्रधान निर्दोष पर दोषसिद्ध हुआ। अब 23 जनवरी को न्यायाधीश आरोपी को सजा सुनाएंगे
सौजन्य: लाइव हिंदुस्तान
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