आरोप : सत्ताधारी दल के कारण दलित परिवार ने छोड़ दिया गांव
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला कोऑर्डिनेटर कमल बादशाहपुर ने आरोप लगाया है कि दलितों के खिलाफ व्यापक स्तर पर पुलिसिया कार्रवाई और दबंगई देखने को मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि आरक्षित विधानसभा क्षेत्र करतारपुर में सत्ताधारी दल के दबाव में पुलिस-प्रशासन द्वारा दलितों को दबाने के लिए झूठे मामले दर्ज कर लोगों को जेल भेजा जा रहा है।
कमल बादशाहपुर ने थाना मकसूदां के तहत आने वाले गांव तलवाड़ा की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि ‘आप’ से संबंधित स्थानीय सरपंच के दबाव में एक दलित महिला और उसके बच्चों को परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि चौकी मंड पुलिस महिला को बिना किसी कसूर और लिखित शिकायत के जबरन घर से उठाकर ले गई और अवैध रूप से हिरासत में रखा। बसपा के कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद ही पुलिस ने महिला को छोड़ा।
बसपा नेता का आरोप है कि महिला का पति खाड़ी देश में काम करता है और परिवार ने सरपंच का समर्थन नहीं किया था, इसी रंजिश के चलते उन्हें डराने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके अलावा, महिला की बेटी और बेटे पर भी फिरौती का झूठा मामला दर्ज करा दिया गया, जिसके खौफ से पीड़ित परिवार को अपना गांव छोड़कर दूसरे जिले में किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कमल बादशाहपुर ने पंजाब डीजीपी से इस पूरे मामले का तुरंत संज्ञान लेने, पारदर्शी जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र








