बलात्कारी को आखिरी मौका, 28 नवंबर तक कोर्ट में पेश नहीं हुआ आरोपी तो छीन ली जाएगी संपत्ति
ग्वालियर में कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ रेप और गर्भपात के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है. कोर्ट ने फरार आरोपी को 28 नवंबर तक कोर्ट में पेश होने का मौका दिया है. अगर आरोपी इस अवधि में कोर्ट के सामने हाजिर नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी.
ग्वालियर में कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ रेप और गर्भपात के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है. कोर्ट ने फरार आरोपी को 28 नवंबर तक कोर्ट में पेश होने का मौका दिया है. अगर आरोपी इस अवधि में कोर्ट के सामने हाजिर नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी.
दलित नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसके साथ मारपीट कर धमकाने के मामले में आरोपी के खिलाफ स्पेशल जज पास्को एक्ट आरती शर्मा ने धारा 82 के तहत वारंट जारी किया है. इसके मुताबिक आरोपी को 28 नवंबर को न्यायालय में हर हालत में पेश होना होगा. अन्यथा उसकी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई पुलिस की मदद से की जाएगी. आरोपी लगभग एक साल से वारदात के बाद से ही फरार है. उस पर पुलिस अधीक्षक ने दो हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है.
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज:
गौरतलब है कि शहर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली दलित नाबालिग लड़की ने 16 जनवरी 2023 को आरोपी के खिलाफ कई बार दुष्कर्म करने, गालियां देने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोपी कुशवाह मार्केट दीनदयाल नगर का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की के साथ लगातार दुष्कर्म से वह गर्भवती हो गई थी. आरोपी ने पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध उसका गर्भपात भी कराया था. उसका मुकदमा अलग से आरोपी युवक के खिलाफ दर्ज है.
यह है मामला:
पीड़िता की कुशवाह मार्केट दीनदयाल नगर में रहने वाले युवक से दोस्ती हुई थी. आरोपी ने एक गेस्ट हाउस में उसे बुलाकर उसके साथ शादी का वादा कर दुष्कर्म किया था. इसके बाद उसने कई बार उसका शारीरिक शोषण किया. इस दौरान लड़की गर्भवती हो गई तो उसने शादी के लिए दबाव डाला. लेकिन आरोपी ने शादी करने से मना कर दिया. उसने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उसका गर्भपात भी करा दिया था. जिसके बाद पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया था.
संपत्ति की हो सकती है नीलामी:
एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा का कहना है कि ”28 नवंबर को आरोपी न्यायालय में पेश नहीं होता है तो उसके खिलाफ धारा 83 जाफ्ता फौजदारी के कार्रवाई की जाएगी. इसमें उसकी संपत्ति को जब्त कर उसकी नीलामी भी की जा सकती है.”
सौजन्य : Etv bharat
नोट : समाचार मूलरूप से etvbharat.com में प्रकाशित हुआ है मानवाधिकारों के प्रति सवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित !









