बाबा साहेब के विचारों पर चलकर दलितों की आवाज उठा रहे हैं ये 5 दलित क्रिएटर्स.
Top 5 Bahujan Creators in India – सोशल मीडिया इस युग का हथियार है…हर किसी के हाथ में मोबाइल है और वह हर तरह की खबरों से अपडेट है. जिस दलित समाज पर हो रहे अत्याचार की खबरें पहले दबी रह जाती थी…उनपर कोई ध्यान नहीं देता था या किसी षड्यंत्र के तहत उनके ऊपर हुए अत्याचार की खबरों को दबा दिया जाता था…अब सोशल मीडिया और इंटरनेट होने से हर एक छोटी से छोटी खबर बाहर आती है. दलितों पर हो रहे हर एक अत्याचार को सामने लाया जाता है और सरकार से सवाल किए जाते हैं. दलितों को उनका हक दिलाया जाता है. इस लेख में आज हम आपको 5 ऐसे युट्यूब क्रिएटर्स के बारे में बताएंगे, जो जमीनी स्तर से दलितों की आवाज उठा रहे हैं.
डॉ रइस मोहम्मद
इसमें पहले नंबर पर हैं दलित कैमरा नामक युट्यूब चैनल चलाने वाले डॉ रइस मोहम्मद. अंबेडकरवादी सभरवाल दलितों से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं. वह एक कंटेंट क्रिएटर हैं. वह अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से दलित समुदाय के मुद्दों पर गहराई से जानकारी प्रदान करने का काम करते हैं. साथ ही अपराध और न्याय, शिक्षा, रोज़गार, राजनीति और सामाजिक समस्याओं जैसे विषयों पर समाचार, विश्लेषण और अन्य सामग्री प्रकाशित करते हैं. उनके इस प्रयास के माध्यम से अभी तक कई मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट हुआ है.
अशोक दास
अगले बहुजन क्रिएटर हैं अशोक दास. ये दलित दस्तक नामक यूट्यूब के संस्थापक हैं. वह अपने चैनल के माध्यम से दलितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जनता का ध्यान आकृष्ट करते हैं. उनके चैनल की ज्यादातर वीडियो दलित समुदाय के समस्याओं को उजागर करती हैं और समाज में जागरुकता फैलाने का काम करती हैं. साथ ही दलित दस्तक के नाम से ही छपने वाली पत्रिका, दलित समुदाय के विचार और मांगों को लोगों के सामने प्रदर्शित करती है.
गोगु श्यामला
गिन्नी माही
दलितों की आवाज उठाने वाली अगली बहुजन स्टार हैं गिन्नी माही. वह पंजाब की एक दलित कंटेंट क्रिएटर हैं. बाबा साहेब के ऊपर बनाए गए उनके कई गाने वायरल हो चुके हैं. उन्हें देश विदेश में चमार रैप गर्ल के नाम से भी जाना जाता है. गिन्नी माही का परिवार हमेशा से अंबेडकरवादी रहा है. वह अपने गानों के माध्यम से दलितों की आवाज बनती हैं और उनकी समानता के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं. गिन्नी माही के यूट्यूब पर 1 लाख और इंस्टाग्राम पर करीब 3 लाख फॉलोवर्स हो चुके हैं.
जातिविहीन सामूहिकता
अगला बहुजन क्रिएटर है जातिविहीन सामूहिकता. यह चेन्नई में स्थित दलितों का एक तमिल बैंड है, जो दलितों के लिए ही कंटेंट बनाता है. इस बैंड की शुरुआत साल 2017 में गाना, हिप हॉप, रैप और लोकगीतों के मिश्रण के साथ हुई थी. इस बैंड में सदस्य तेंमा, गायक मुथु, बाला चंदर, इसाइवनी, अरिवु, धरनी, गौतम, नंदन और मनु है इनके youtube चैनल पर अभी 2 लाख और इंस्टाग्राम पर 50 हजार फोल्लोएर्स होने वाले है. जातिवादी संघर्ष के ऊपर इनके ज्यादातर कंटेंट होते हैं.
सौजन्य : Nedrick news
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