मंदिर में दलितों के साथ भेदभाव, ‘ऊंची जाति’ के लोगों ने साथ खाने से किया इनकार, दर्ज हुई FIR
राजस्थान के पाली जिले में एक मंदिर में आयोजित सामूहिक भोज में कुच लोगों ने दलितों के साथ खाना खाने से इनकार कर दिया। इस मामले में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कथित उच्च जाति के कुछ लोगों ने उसे प्रसाद लेने से मना कर दिया और उन्हें अलग बैठने के लिए कहा। साथ ही पीड़ित ने यह आरोप भी लगाया कि उन लोगों ने कहा कि वे ‘नीची जाति’ से हैं इसलिए उनके साथ नहीं बैठ सकते हैं। यह घटना पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन पुलिस स्टेशन के तहत धमाल गांव में मामाजी मंदिर में हुई जहां 29 अगस्त को एक सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया था।
थाने में की गई एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुजाराम मेघवाल (55) ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 19 अगस्त को मंदिर समिति द्वारा गांव के लोगों की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें उन्होंने सामुदायिक भोज और प्रसाद की तैयारी पर चर्चा करने के लिए सभी समुदाय के सदस्यों को आमंत्रित किया था। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि बैठक के दौरान कुछ कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों ने दलित समुदाय के लोगों को भोज के दौरान अलग बैठने के लिए कहा। जिसके बाद उन लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने आगे दावा किया कि 25 अगस्त को समिति के सदस्यों ने उनसे संपर्क किया और आश्वासन दिया कि दलित समुदाय के लोगों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। इसके बाद आश्वासन दिया गया कि सभी लोगों को सामूहिक भोज और प्रसाद दिया जाएगा। जिसके बाद उन्होंने कार्यक्रम के लिए अपनी सहमति दी थी। मेघवाल ने आगे आरोप लगाया कि 29 अगस्त को जब सामुदायिक भोज और प्रसाद का आयोजन किया गया तो दलित परिवार भी मंदिर पहुंचे। जब वे वहां पहुंचे तो पता चला कि वहां दो बैठने की व्यवस्था थी, एक कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों के लिए और दूसरी दलित समुदाय के लोगों के लिए। दलित समुदाय ने इस व्यवस्था का विरोध किया तो कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों ने उन्हें खाने के दौरान दूसरों के साथ न बैठने की चेतावनी दी।
इस मामले में शिकायतकर्ता के अनुसार, जब दलित समुदाय के सदस्यों ने इस भेदभावपूर्ण व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो आरोपी ने अपमानजनक जाति-आधारित अपशब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने हमसे कहा कि आप लोग ‘निचली जाति’ के हैं और आप उनके साथ बैठने के हकदार नहीं हैं और हम आपको खाना नहीं खिलाएंगे।
इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मारवाड़ जंक्शन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों पर 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
सौजन्य : Live hindustan
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