महिला की हत्या के 3 दोषियों को आजीवन कारावास:कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया, खेत पर धारदार हथियार से हमला कर किया था मर्डर
फिरोजाबाद कोर्ट ने दलित महिला की हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने उन पर अर्थ दंड लगाया। अर्थ दंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। थाना खैरगढ़ क्षेत्र में 25 मई 2014 को सूरजमुखी पत्नी राम भरोसे लाल जाटव की खेत पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।
वह आम के पेड़ की रखवाली के लिए प्रतिदिन जाती थीं। 25 मई 2014 को वह प्रतिदिन की भांति गई थीं। शाम को उसका बेटा विजेंद्र खेत पर गया तो सूरजमुखी मृत हालत में पड़ी दिखाई दीं। उसके शरीर के कई स्थानों पर धारदार हथियार से घाव के निशान थे। रामभरोसे लाल ने थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना के बाद भूरा उर्फ भूपेंद्र पुत्र राधेश्याम, उमला यादव पुत्र साहब सिंह निवासी बिजौली व बंगाली यादव पुत्र अमर सिंह निवासी गुड़ा थाना नसीरपुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफराक अहमद के न्यायालय में चला।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि मुकदमे के दौरान कई गवाह ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए। गवाहों की गवाही व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों को दोषी माना। उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने भूरा पर 55,000 रुपए व उमला व बंगाली पर 50-50 हजार रुपए अर्थ दंड लगाया। अर्थ दंड न देने पर तीनों को 6-6 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सौजन्य : Dainik bhaskar
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