दलित महिला सरपंच ने गलत बात नहीं मानी, दबंगों ने उसे कीचड़ में पटक कर जूते-चप्पल से पीटा
शिवपुरी. मध्यप्रदेश में दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब शिवपुरी जिले में एक दलित महिला सरपंच की बेरहमी से पिटाई की घटना सामने आई है. दबंगों ने अनुसूचित जाति वर्ग की महिला सरपंच को बीच रास्ते कीचड़ में पटक कर जूते-चप्पलों से पीटा. इस केस में 3 लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
शिवपुरी के कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ी है. यहां अनुसूचित जाति वर्ग की महिला सरपंच गीता जाटव हैं. जब महिला सरपंच ने दबंगों की बात मानने से इंकार कर दिया तो दबंगों ने उन्हें कीचड़ में पटककर बीच रास्ते में जूते चप्पल से पीटा. पूरे गांव के लोगों के सामने जातिसूचक गालियां देकर बेइज्जत किया. तेंदुआ थाना प्रभारी मनीष जादौन का कहना है तीन आरोपियों धर्मवीर यादव, रामवीर यादव और मुलायम यादव के खिलाफ मारपीट और एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है. उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
इस वजह से दबंगों ने की मारपीट
सरपंच गीता जाटव का बड़ा बेटा गोपाल जाटव किसी काम से खरई गया था. यहां उसे धर्मवीर यादव मिल गया. धर्मवीर ने गोपाल से कहा मेरे कागजात पर अपनी सरपंच मां के साइन करवा दे. गोपाल ने जब उससे पूछा कि किस कागज पर साइन करवाना है तो, धर्मवीर ने कहा कि मैं तो आदमी मारने जा रहा हूं तुझे साइन करवाने पड़ेंगे. जब गोपाल ने साइन करवाने से मना किया तो गुस्साए धर्मवीर ने गोपाल के साथ मारपीट कर दी. इसके बाद गांव पहुंचकर गोपाल ने मां गीता जाटव को सारे घटनाक्रम की जानकारी दी.
दलित महिला सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप
गीता जब धर्मवीर यादव की शिकायत करने उसके घर जा रही थी, तभी रास्ते में उसे धर्मवीर, रामवीर यादव और मुलायम यादव ने घेर लिया. तीनों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए कहा तुझे सरपंच हम ने बनवाया है, तो सरपंची हम ही करेंगे. जब गीता ने उनका रबर स्टांप बनाने से इंकार कर दिया तो, तीनों ने उसे बीच रास्ते में कीचड़ में पटक कर जूते चप्पलों से पीटा. पीड़ित महिला सरपंच का कहना है धर्मवीर साल भर से उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है. उसे धमकी दे रहा है कि सरपंची उसके कहे अनुसार ही करनी पड़ेगी.
सौजन्य : News18
नोट : समाचार मूलरूप से news18.com में प्रकाशित हुआ है ! मानवाधिकारों के प्रति सवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित !









