दलित युवक के साथ हुई मारपीट में नहीं हो रही सुनवाई
प्रशासनिक अमले के हर थानों में बाहर अधिनियम 1989 के तहत अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति( अत्याचार निवारण) बोर्डों में लिखा है। क्या यह देखने मात्र के लिये लगे हैं। कस्बा बकेवर में दलित युवक के साथ हुई मारपीट व जातिसूचक गाली गलौज के मामले में अभी तक दर्ज नहीं हुआ।
पीड़ित का मुकदमा दर्ज न्याय की गुहार के लिऐ अधिकारियों के चक्कर काट कर है पीड़ित दलित युवक दलित युवक तथा उसके साथी के साथ हुई मारपीट में थाना पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के आदेश के बाद प्रार्थना पत्र तो ले लिया गया।
अब सवाल यह है। कि थाना पुलिस द्वारा उक्त युवक तथा उसके साथी के साथ हुयी मारपीट का डाक्टरी परीक्षण क्यों नहीं करा रही। कस्बा बकेवर में होली के पर्व पर कस्बा के दंबग किस्म के युवकों द्वारा गमा देवी मंदिर में पर्व मना रहे दलित युवक के साथ जाति सूचक गाली गलौज कर मारपीट की गयी बीच बचाव के दौरान पीडित युवक के साथियों के साथ भी दंबगों ने मारपीट की घटना को अंजाम दिया जबकि थाना पुलिस ने एक पक्ष का छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया, और घटनास्थल भी दूसरी जगह दिखाया गया।
आखिर कब तक दंबग किस्म के युवक दलित युवक का करते रहेगे शोषण न्याय की गुहार के लिऐ पीड़ित एसएसपी इटावा के पास पहुंचा जहां उस न्याय का इटावा के एसएसपी ने आश्वासन दिया था पीङित दलित युवक अनुज कठेरिया ने आरोप लगाया कि अभी तक उसका व उसके साथियों का डाक्टरी परीक्षण तक पुलिस ने नहीं करवाया वहीं पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त दंवगों को सत्ता के एक नेता का सरक्षण मिला हुआ है।
जिसके चलते पीड़ित को अभी तक नहीं मिला न्याय आखिर कब होगी दंबगों के विरुद्ध कार्यवाही क्या ऐसे ही होता रहेगा दलितों का शोषण,रह क्या दबंगों के विरुद्ध कार्यवाही न करना कहीं और इशारा कर रहा।
सौजन्य : The netizen news
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