जाति पर जोक क्यों मारते हैं ये कमीडियन?
‘मेरे पापा कहते हैं कि हमारे पास एक सुपरपावर है, हम शिड्यूल कास्ट हैं। …तू पिज्जा मंगवाएगा तो उससे पहले एडमिशन मिल जाएगा।’
‘पापा क्या यह बाकी लोगों के साथ अन्याय नहीं है? मेरे पापा ने बोला, अंग्रेज़ी मत झाड़। मुझे रिजर्वेशन मिला, इसलिए तुझे आती है।’
मनाल पाटिल ने ये लाइनें अलग-अलग वक़्त पर बोलीं, लेकिन रिएक्शन एक जैसा आया। सामने बैठे दर्शक ठहाके लगाकर हंस पड़े। भारत में जाति कोई हंसने वाली चीज़ नहीं और रिजर्वेशन तो बिल्कुल भी नहीं। जातिगत भेदभाव पर लोग सार्वजनिक रूप से बात तक नहीं करना चाहते। लेकिन, मनाल और उनके जैसे कुछ और कमीडियन इन गंभीर मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में उठा रहे हैं और एक तरह का मेसेज दे रहे हैं कि इस पर बात करना भी ज़रूरी है।
मनाल पाटिल दलित हैं और उनके ग्रुप ‘ब्लू मटीरियल’ के बाकी पांच सदस्य भी। अंकुर तांगड़े भी इसी ग्रुप का हिस्सा हैं। पांच साल से कॉमेडी कर रही हैं। महाराष्ट्र के बीड ज़िले से ताल्लुक है। जोक्स में जाति कैसे आ गई? वह बताती हैं कि उनका अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। वजह रही जाति और वर्कप्लेस पर भेदभाव। तब अंकुर को लगा कि मामला वाकई सीरियस और उन्होंने कॉमेडी में कास्ट पर बोलना शुरू कर दिया।
यह ग्रुप जातिगत पहचान, सामाजिक न्याय और ऐसे ही तमाम गंभीर मामलों को अपनी परफॉर्मेंस में शामिल करता है। अंकुर कहती हैं, ‘बहुत-से लोगों को लगता है कि भेदभाव अब नहीं होते और आरक्षण की ज़रूरत नहीं, लेकिन मैंने ऐसे लोग देखे हैं, जो हमारे हाथ का पानी नहीं पीते। यहां तक कि कॉमिक फील्ड में भी भेदभाव है।’ वह बताती हैं कि एक फेमस ग्रुप को एक नया मेंबर चाहिए था। उन्होंने एक ब्राह्मण को चुना और संयोग से उस ग्रुप में सारे ब्राह्मण ही हैं।
स्टेज पर होता है भेदभाव
मनाल को लोगों को हंसाते हुए आठ साल हो गए। 2015 में उन्होंने मुंबई से शुरुआत की थी। वह बताते हैं कि उस समय कोई भी कास्ट पर बात नहीं करता था। उन्हें भी भेदभाव का सामना करना पड़ा, दर्शकों से ज़्यादा दूसरे कमीडियन से। मनाल कहते हैं, ‘वे मुझसे कहते थे कि कास्ट जोक्स नहीं करने हैं। शुरू के कई साल तो मुझे स्टेज पर 10 मिनट से अधिक मिले ही नहीं। ऑडियन्स तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आपको ज़्यादा समय चाहिए होता है।’
मनाल ने अपने साथ हुई एक घटना का कुछ अरसा पहले खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि वह मुंबई में एक शो कर रहे थे। वहां उस जगह का ओनर उनके पास आकर बोला कि अपनी प्लेट धो देना।
अपना एक्सक्लूसिव ग्रुप होने के बाद अब अंकुर या मनाल को ऐसी दिक्कत नहीं आती। उन्हें स्टेज पर पूरा समय मिलता है, जिसमें वे अपनी बात रख पाते हैं। ‘ताकि लोगों को पता चले, यह सब हक़ीक़त है’
सौजन्य : Navbharattimes
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