अपहरण का मामला:दलित युवक की अपहरण के बाद पीटकर हत्या, शव को बिजली के खंभे में लटकाया
केरेडारी थाना क्षेत्र के पचड़ा गांव में एक दलित युवक का अपहरण कर पीट पीटकर हत्या कर दी गयी। हत्या के बाद युवक के टीशर्ट से बांधकर उसे बिजली के खंभे से लटका दिया गया। मृतक इसी गांव के सीटन भुइयां उम्र लगभग 35 वर्ष पिता स्व बनौधी भुइयां है। परिजनों ने बताया कि हत्या के एक दिन पूर्व सीटन भुइयां और उसके परिवार के लोग जान की खतरा को बताते हुए सुरक्षा की गुहार लेकर केरेडारी थाना पहुंचे थे। जहां दूसरे पक्ष से थाना में आवेदन ले लिया गया था और मुंशी के द्वारा यह कह कर भगा दिया गया कि दूसरे पक्ष से आपके विरुद्ध एफआईआर हो गया है इसलिए वापस जाओ। अगर उसका आवेदन उस दिन थाना में ले लिया जाता तो शायद आज उसकी जान नहीं जाती।
केरेडारी से निराश लौटे सीटन को इंटक नेता मिथिलेश दुबे ने सहयोग किया और उसने हजारीबाग एसटी-एससी थाना में आवेदन देकर घर लौटा ही था कि रात में उसकी हत्या हो गई। इस बाबत मृतक की पत्नी पारो देवी ने बताया कि सोमवार की रात्रि लगभग 12 बजे इसी गांव के कुछ लोग घर पहुंचे और मेरे पति को जबर्दस्ती अपने साथ ले गए। सुबह पता चला कि मेरे पति को गांव के किनारे पट्टी दोहर में हत्या कर बिजली के पोल में बांध दिया था। मृतक के चार बच्चे भी है।
विजयादशमी के दिन गांव के ही आठ लोगों ने की थी मारपीट, 8 अक्टूबर को थाना में आवेदन देने गया था
आगे बताया कि दुर्गा पूजा दशमी के दिन मेरे पति के साथ गांव के शंकर साव, जनार्दन साव, चन्दर साव, संजय साव, सुरेश साव, अभिषेक साव एवं देवर सिकन्दर भुइयां एवं गोतनी सीमा देवी ने मारपीट की थी। इस बाबत मेरे पति सीटन भुइयां ने केरेडारी प्रमुख एवं पंचायत के मुखिया को लिखित आवेदन दिया था। इसके अलावा गत 8 अक्टूबर को केरेडारी थाना में आवेदन देने पहुंचे तब आवेदन नहीं लिया गया एवं थाना के मुंशी ने बताया कि मामला दर्ज हो चुका है। कोर्ट में जाकर पता कर लो।
अंततः उसी दिन सीटन भुइयां एवं गांव के मुकेश भुइयां ने हजारीबाग एसी-एसटी थाना में जाकर आवेदन दिया था। इस बीच केरेडारी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बाबत 11 अक्टूबर को मृतक की पत्नी पारो देवी ने केरेडारी थाना में आवेदन दिया है। जिसमे उपरोक्त बातों का उल्लेख करते हुए लिखा है कि पचड़ा गांव के शंकर साव, चन्दर साव, जनार्दन साव सभी के पिता विश्वनाथ साव एवं संजय साव पिता रामवृक्ष साव, सुरेश साव पिता लालबहादुर साव, दीपक साव पिता गिरधारी साव,संतोष साव पिता नरेश साव, दुर्गेश साव पिता आतो साव, सिकन्दर भुइयां पिता बनौधी भुइयां, सीमा देवी पिता सिकन्दर भुइयां, अभिषेक कुमार पिता रामचन्द्र भुइयां हत्या व अपहरण में शामिल है।
मृतक की पत्नी पारो देवी ने दावा किया है कि इन्ही लोगो ने अपहरण कर मेरे पति की हत्या की है। वहीं केरेडारी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दी है। इस बाबत पुलिस ने केरेडारी थाना कांड संख्या-147 /22 के तहत मामला दर्ज कर ली है। इस घटना ने केरेडारी पुलिस पर अहम सवाल छोड़ दिया है कि एक मुंशी ने फटकार लगाकर एक दलित की शिकायत सुनने से इनकार कैसे किया।
अगर उसकी सुनी गई होती और उसके आवेदन पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई हुई होती तो शायद इसकी जान आज नहीं जाती। मुंशी राहुल सिंह की भूमिका कटघरे में है। इस संबंध में थाना प्रभारी साधन चंद्र गोराई ने बताया कि मुंशी के द्वारा फटकार लगाये जाने का आरोप गलत है। मामले की जांच की जा रही है।
सौजन्य : Dainik bhaskar
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