3 किमी खाट पर लेकर चले तब मिली एंबुलेंस
उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल गोगुंदा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी चिकित्सा सुविधा समय पर मिल पाना चुनौती से कम नहीं है। क्षेत्र के ईंटों का खेत (खलिया खुड़ा काला भाटा) झाड़ोली निवासी कोगी पत्नी तेरसा राम गरासिया शनिवार सुबह करीब सुबह 7.30 बजे बकरियों के खाने की पत्तियां तोडऩे पेड़ पर चढ़ी थी। इस दौरान संतुलन बिगडऩ से वो पेड़ से गिर गई। सिर में चोट लगने से महिला घायल हो गई। गांव मुख्य सड़क से करीब तीन किलोमीटर दूर है। ऐसे में महिला को खाट पर लेटा कर तीन किलोमीटर पैदल लेकर मुख्य सड़क तक लाया गया। इसके बाद सड़क से एंबुलेंस के जरिए गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया गया। महिला स्थिति गंभीर होने पर उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया।
सड़क नहीं होने से ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों ने कहा कि आस पास के फले में सड़क मार्ग की असुविधा होने से ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। सड़क के अभाव में ग्रामीण पैदल ही चल कर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं लेकिन बीमारी में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, डिलीवरी होने पर महिलाओं को चारपाई पर ही चिकित्सालय पहुंचाया जाता है।
इनका कहना है
तीनों फलों के वाङ्क्षशदे आजादी के बाद से ही सड़क, पानी की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, प्रशासन गांवों के संग अभियान में अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सौजन्य : Patrika
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