सीतापुर : दलित के आशियाने पर चला प्रशासन का बुलडोजर
उत्तर प्रदेश : सीतापुर एक तरफ जहां सुबे की योगी सरकार गरीबों को बसाने का काम कर रही है तो वही लहरपुर तहसील के हुक्मरान गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नेस्तनाबूद करते नजर आ रहे हैं l
ताजा मामला लहरपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बरबटा सुमरावां ग्राम का है जहां कई परिवार सरकार द्वारा भूमिहीनों को मकान बनाने को दी गई जगह पर मकान बनाकर पिछले 20 वर्षों से कच्चे-पक्के मकान बना कर रहते चले आ रहे है तहसील प्रशासन अचनाक जेसीबी मशीन लेकर पुलिस अमले के साथ एक दलित परिवार के मकान को तोड़ दिया गया दलित परिवार अपने मकान बचाने के लिए मशक्कत करता रहा लेकिन सकरन पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा !
महिलाओं ने बताया कि जब मकान तोड़ा जा रहा था तो हम लोग विरोध कर रहे थे तो पुलिस वालों ने मेरे हाथ दोनों पीछे करके पकड़ लिए और अभद्रता भी किया l महिलाओं ने बताया कि जिस भूमि पर वह मकान बनाकर रह रहे हैं उस आवासीय भूमि का उच्च न्यायालय इलाहाबाद से स्टे भी हो चुका है ।
जिसमें विरोध करने पर पुलिस द्वारा महिला और बच्चों के साथ अत्याचार भी किया गया है । मकान ढहा देने से दलित परिवार भीषण ठंड में खुले आसमान में अपने मासूम बच्चों के साथ जीवन जीने के लिए विवश हैं ।
महिलाओं ने मकान तोड़ने आए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बिना नोटिस दिए प्रशासन ने मकान ढहा दिए हैं अधिकारियों ने इतना भी मौका नहीं दिया कि अपनी जरूरत का सामान अंदर से निकाल सकें घर गृहस्ती सहित खाने पीने का सामान व बच्चों के कपड़े भी मकानों में मलबे के नीचे दब गए हैं । जिससे इस भीषण ठंड में जीना मुश्किल हो रहा है ।
पिछले दिनों सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा यह आदेश दिया गया था कि इस भीषण ठंड में किसी के मकान ना गिराए जाएं और किसी को परेशान न किया जाए लेकिन इसके बाद भी लहरपुर तहसील प्रशासन ने जो अमानवीय कृत्य करते हुए दलित परिवार का घर ढहा हैं । समाज में उसे अच्छा नहीं कहा जा सकता ।
सौजन्य : The netizen news
नोट : यह समाचार मूलरूप से thenetizennews.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !









