टूटी हुई हैं विद्यालय की खिड़कियां, पानी का है संकट
सोनभद्र: प्रदेश सरकार आदिवासी बच्चों को आवासीय शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। इसके तहत राबर्ट्सगंज ब्लाक के उरमौरा गांव में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय कक्षा छह से 12 तक संचालित है। यहां व्याप्त दुर्व्यवस्था से छात्राओं को परेशानी होती है, लेकिन कार्रवाई के डर से छात्राएं जुबान खोलने को तैयार नहीं होती हैं। विद्यालय की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं, नालियां जाम हैं, पानी आपूर्ति की समस्या है।
अधिकारियों ने कई बार विद्यालय का निरीक्षण किया और रिपोर्ट भी दी लेकिन अब तक विद्यालय को दुर्व्यवस्था से निजात नहीं मिल सकी है। फिलहाल विद्यालय बंद है और छात्राएं अपने-अपने घरों को लौट गई हैं, वरना इस कड़ाके की ठंड में छात्राओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती। बताया जा रहा है कि जब से विद्यालय बना है, उसकी मरम्मत ही नहीं हुई। विद्यालय में घुसते ही दुर्गंध इस कदर उठती है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है, वजह कि यहां की नालियां जाम पड़ी हुई हैं। गंदे पानी के निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण नालियां दुर्गंध दे रही हैं। विद्यालय में पानी की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है।
यहां दो हैंडपंप हैं लेकिन पानी की किल्लत है। बोरिग भी है, दो सबमर्सिबल लगा है लेकिन दोनों से पानी बहुत कम आता है। एक सबमर्सिबल पंप से पानी निकलने के बाद बंद होता है तो फिर आधा घंटा फिर से चालू करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। पानी की व्यवस्था दुरूस्त न होने से छात्राओं को काफी परेशानी होती है। विद्यालय परिसर में ही छात्रावास के पीछे में कूड़ा कचरा पड़ा हुआ है। इससे भी दुर्गंध उठती है।
छात्रावास के पीछे जैसे गंदगी की सफाई ही नहीं होती। अधीक्षक, वार्डेन, प्रधानाचार्य का पद है रिक्त
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय उरमौरा में अधीक्षक, वार्डेन, प्रधानाचार्य का पद रिक्त चल रहा है। इतना ही नहीं गृह विज्ञान, कंप्यूटर सहायक समेत चार पद खाली हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में यहां सहायक अध्यापक कल्पना सिन्हा कार्यरत हैं। छात्राओं को पानी का संकट न हो इसलिए विद्यालय को बढ़ौली- कुसाही पेयजल परियोजना से जोड़कर पानी का कनेक्शन दिया गया है लेकिन इस परियोजना से एक-एक सप्ताह तक पानी विद्यालय में नहीं आता है।
इससे बच्चों को काफी परेशानी होती है। विद्यालय में छात्राओं के लिए 490 सीट है जिसमें से वर्तमान में 388 बच्चे पंजीकृत हैं। आश्रम पद्धति विद्यालयों में खिड़की मरम्मत समेत अन्य कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही विद्यालयों की रंगाई पोताई से लेकर मरम्मत का कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर स्टीमेट बन चुका है। शेष कार्यवाही चल रही है।
रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सोनभद्र।
सौजन्य : Dainik jagran
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