सफाईकर्मी की मौत की सीबीआई जांच हो:चंद्रशेखर मिले पीड़ित परिवार से, बोले- डीएम-एसएसपी को कुर्सी पर नहीं बैठने दूंगा
आगरा के जगदीशपुरा थाने में पुलिस कस्टडी में सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि की मौत के बाद राजनीतिक माहौल गरम है। शुक्रवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे।
उन्होंने आधे घंटे तक मृतक के परिजनों से बातचीत की। चंद्रशेखर ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई जांच नहीं होगी, तो वह आगरा में धरना देंगे। डीएम और एसएसपी को कुर्सी पर नहीं बैठने देंगे।
बोले- दलित को सभी मोहरा बनाते हैं
चंद्रशेखर शाम करीब साढ़े चार बजे लोहामंडी स्थित मृतक अरुण वाल्मीकि के घर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें घटना के बारे में बताया। मुलाकात के बाद भीम आर्मी चीफ ने कहा कि अरुण को चोरी के झूठे आरोप में फंसाया गया था। क्योंकि दलित कमजोर है। इसीलिए दलित सबके लिए मोहरा है।
वह थाने में 12 साल से काम कर रहा था। लेकिन आज तक उसकी कोई शिकायत नहीं आई। पुलिस वालों को बचाने के लिए अरुण की हत्या की गई है। इस मामले की सच्चाई सामने आए, इसके लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई जांच नहीं कराई जाती है, तो वह आगरा में धरना देंगे।
उत्तर प्रदेश में है गूंगी-बहरी सरकार उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में गूंगी-बहरी सरकार है। जो लोग 50 हजार करोड़ लेकर फरार हो जाते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि अरुण दलित समाज है, इसलिए मुआवजा राशि में भेदभाव किया गया। कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या पर सरकार ने 40 लाख का मुआवजा दिया। अरुण के परिजनों को 10 लाख रुपए दिए। वह भी एससी-एसटी एक्ट का मुआवजा होगा। सरकार ने कुछ नहीं दिया।
पुलिस नहीं, गुंडे हैं
अगर कोई गाय या जानवर मरा होता, तो सरकार सचेत हो जाती। मुख्यमंत्री 10 लाख देकर गर्व महसूस करते हैं। तो हम मुख्यमंत्री को 20 लाख रुपए देंगे, वो अरुण को वापस कर दें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भक्षक हो गई है। पुलिस नहीं, गुंडे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मृतक के परिवार की महिलाओं के साथ बर्बरता की। उन्हें नंगा कर पीटा। जिस सरकार के मंत्री का बेटा किसानों पर गाड़ी चढ़ा दे, उस सरकार की पुलिस दलितों की हत्या कर दे तो कौन सा बड़ा काम है।
साभार : दैनिक भास्कर
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