‘स्वामी अछूतानंद ने चलाया दलित मुक्ति का आंदोलन’
प्रयागराज। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में आयोजित ‘भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में दलित’ विषयक संगोष्ठी के दूसरे दिन गुरुवार को स्वामी अछूतानंद और स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में उनके योगदान पर चर्चा हुई। बौद्ध विद्वान एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता गुरु प्रसाद मदन ने आर्य समाज से लेकर आदि हिंदू आंदोलन पर बात रखी।
कहा कि स्वामी अछूतानंद बाबा साहेब के समक्ष उत्तर भारत में दलितों का सही नेतृत्व कर रहे थे। उनका आंदोलन मूलतः दलित मुक्ति का आंदोलन रहा। उन्होंने ‘मुल्की हक’ का आंदोलन चलाया। लेखक और सामाजिक चिंतक दिल्ली से आए मोहनदास नैमिशराय ने कहा कि बाबू मांगू राम मानवाधिकार के लिए लड़ते रहे। जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. हरीश वानखेड़े ने ज्योतिबा राव फुले और डॉ. अंबेडकर के राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर बात रखी। शुरुआत में संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रैया गोपानी ने विषयवस्तु रखी।
सौजन्य: Live hindustan
नोट: यह समाचार मूल रूप से livehindustan.com में प्रकाशित हुआ है |और इसका उपयोग पूरी तरह से गैर-लाभकारी/गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से मानव अधिकार के लिए किया गया था।









