गोंडा से लापता 4 दलित लड़कियां अयोध्या में मिलीं, जाने पूरा मामला
गोंडा के एक गांव की चार दलित किशोरियों के रहस्यमय हालात में गायब होने का मामला सामने आया है। किशोरियों की उम्र क्रमशः 12, 15, 16 वर्ष तथा 18 वर्ष बताई जा रही है। घटनाक्रम के अनुसार चारों किशोरियां सोमवार करीब 11 बजे दिन में खेतों से बथुआ साग लाने के लिए घर से निकली थीं। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने किशोरियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने चारों को अयोध्या से बरामद कर लिया है।
उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र की चारों किशोरियों एक गांव के अलग-अलग घरों की हैं। सोमवार देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन चिंतित हुए और ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू कर दी। शाम होने तक कुछ नहीं पता चलने पर गांव में भीड़ इकट्ठा होने लगी। इसी बीच मुंबई में रहने वाले गांव के एक व्यक्ति ने फोन कर किसी को बताया कि चारों लड़कियां गोंडा स्टेशन पर मुंबई आने के लिए ट्रेन का समय पूछ रही थीं। यह सुनकर सभी परिजन बदहवास हो गए। भागकर लगभग रात करीब 8 बजे थाने पहुंचे और एसओ को पूरी बात बताई। पुलिस ने तत्काल अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आला-अफसरों को अवगत कराया। बताया जा रहा है कि चारों में दो किशोरियों के पास मोबाइल फोन थे। मुंबई से कॉल करने वाले व्यक्ति से पुलिस ने बात की। बताया जा रहा है कि जिस नंबर से फोन आया था, वह अयोध्या के पास कहीं स्विच ऑफ हो गया है। पुलिस की एक टीम अयोध्या में रहकर सभी धर्मशालाओं तथा होटलों की खाक छान रही थी जिसमें स्थानीय थाना अध्यक्ष संजीव वर्मा को एक धर्मशाला से चारों किशोरियों सकुशल बरामद कर लिया।
सीओ बोले-मामले की जांच जारी :
क्षेत्राधिकारी संसार सिंह राठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि यह सभी बहुत ही गरीब परिवार से हैं। कोई अज्ञात व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर किशोरियों को बहला-फुसलाकर ले गया था। लड़कियां बरामद हो चुकी हैं। घटना की अभी भी पूरी जांच की जा रही है। व्यापक पूछताछ के बाद ही बुधवार को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। किशोरियों के परिजनों की तहरीर के अनुसार कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया था।
राम मंदिर निर्माण देखने की बताई बात:
थाना अध्यक्ष संजीव वर्मा ने बताया कि चारों में सबसे बड़ी किशोरी ने बताया कि वह अपनी सगी मां के घर सबको लेकर आई थी। इसके बाद राम मंदिर देखने के लिए अयोध्या में रुक गई। बताया जा रहा है कि इन चारों में से सबसे बड़ी किशोरी की सगी मां अयोध्या के पास में ही रहती है। उसके पास सभी किशोरियों को लेकर जा रही थी। रात हो जाने के कारण अयोध्या में ही एक धर्मशाला में रुक गई और फिर राम मंदिर देखने के लिए अयोध्या में ही घूम रही थी।
सौजन्य : Live hindustan
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