झारखंड: बिजली के खंभे पर लटकी मिली दलित की लाश, शर्ट का फंदा बनाकर लटकाया था!
झारखंड के हजारीबाग जिले में एक दलित (Dalit) व्यक्ति की हत्या की खबर है. मृतक दलित युवक का नाम सीटन भुइयां बताया गया है. दलित की लाश बिजली के खंभे पर लटकी मिली थी. ये घटना केरेडारी थाना के पचड़ा गांव की है. दलित की हत्या का आरोप गांव के ही कुछ दबंगों पर लगा है. इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक मृतक दलित की पत्नी की शिकायत के मुताबिक घटना में दूसरे आरोपियों के साथ मृतक के भाई और भाभी का नाम भी शामिल है.
पूरा मामला क्या है?
आजतक के सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि 5 अक्टूबर को मृतक दलित के परिवार ने एक दबंग को एक दलित युवती के साथ अश्लील हरकत करते हुए पकड़ा था. इसके बाद परिवार ने उक्त दबंग को उसके घर वालों को सौंप दिया. मगर, इसी दौरान कुछ लोग सीटन के परिवार से मारपीट करने लगे.
दबंगों ने दलित परिवार के खिलाफ थाने में केस भी दर्ज कराया था. इसके बाद सीटन भुइयां ने हजारीबाग एससी-एसटी थाने में शिकायत की थी. आरोप है कि इसकी भनक लगने पर दबंगों ने सोमवार, 10 अक्टूबर की रात को पचड़ा गांव में ही सीटन भुइयां को पोल से लटका दिया. रिपोर्ट के मुताबिक दलित को उसकी शर्ट से ही फंदा बना कर लटकाया गया था. अगली सुबह दलित की लाश मिली.
मृतक के एक परिजन ने बताया,
“पचड़ा गांव के कुछ दबंग लोग दलितों की बहू-बेटियों पर अत्याचार करते हैं. उनका शोषण करते हैं और जब उनके खिलाफ मुकदमे की बात आती है, तो हमें ही फांसी दे दी जाती है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पर जिला प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं करता है.
दलित की हत्या पर पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी का ट्वीट
इस वारदात पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की सरकार और पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट किया,
“झारखंड में अपराधियों का मनोबल देखिए, हजारीबाग के केरेडारी थाना के पचड़ा गांव में एक दलित युवक सीटन भुइयां को घर से अगवा कर हत्या कर दी और शव को बिजली के पोल से लटका दिया. कुछ दिन पहले सीटन के परिवार ने अपनी जान का खतरा बताते हुए थाने में शिकायत की थी, लेकिन मुंशी ने भगा दिया था.”
उन्होंने आगे लिखा,
“खुद को आदिवासी और दलित का हितैषी बताने वाली इस सरकार के कार्यकाल में कितने आदिवासियों और दलितों पर अत्याचार हुए हैं, ये आज किसी से छिपा नहीं है.
झारखंड पुलिस की असंवेदनशीलता और टालमटोल की नीति अपराध की आशंकाओं के बावजूद उसे रोक पाने में असफल रहती है.”
हजारीबाग पुलिस ने क्या बताया?
मरांडी के ट्वीट पर हजारीबाग पुलिस की ओर से जवाब दिया गया है कि इस मामले की जांच जारी है. पुलिस ने बताया कि मृतक दलित की पत्नी की शिकायत में दूसरे आरोपियों के साथ ही मृतक के एक भाई और भाभी का नाम भी शामिल है. पुलिस ने ट्वीट किया,
“इस घटना की जांच एसडीपीओ बड़कागांव को करने हेतु निर्देशित किया गया है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. सीटन भुइयां की पत्नी के दिए आवेदन के अनुसार मृतक के भाई और भाभी अन्य अभियुक्तों के साथ घटना में शामिल हैं. कांड में जांच जारी है व जल्दी ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाएगी.”
इस मामले में केरेडारी थाने में FIR दर्ज की गई है. थाना प्रभारी साधन गोराई ने आजतक को बताया कि मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है. वहीं इस घटना के अगले दिन झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम हजारीबाग दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि राज्य में आदिवासियों और दलितों के साथ लगातार इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं?
इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि पुलिस राज्य भर में तुरंत संज्ञान लेकर अपराधियों को पकड़ने का काम कर रही है.
सौजन्य : The lallantop
नोट : यह समाचार मूलरूप से thelallantop.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !








