लखीसराय में दलित परिवार को पूजा से रोका गया:मंदिर को अपवित्र होना बोलकर किया गया प्रवेश बंद
दुनिया 21वीं सदी में प्रवेश कर गई है। लेकिन हमारे देश में भक्तों की जाति से जुड़ी शुद्धता और अपवित्रता की पुरातन सोच अभी भी मंदिरों के अंदर तक घर की हुई है, जहां देवी-देवताओं की शुद्धता बचाए रखने के लिए दलितों का प्रवेश वर्जित है। एक तरफ हम आजादी का अमृत महोत्सव महोत्सव मना रहे हैं।
वहीं, दूसरी ओर आज भी हमारे साथ महादलितों के साथ भेदभाव हो रहा है। मामला लखीसराय जिले में सूर्यगढ़ा प्रखंड के कटेहर गांव स्थित प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर का है जहां दसकों से महादलित परिवार के लोगों का मंदिर प्रवेश पर रोक लगा है। और ये रोक यहां के ग्रामीणों ने लगा रखा है।ग्रामीणों का आरोप है कि महादलित परिवार के लोग मंदिर में गंदगी फैला देते हैं जिससे उनके प्रवेश पर रोक लगाया गया है।
वहीं महादलित परिवार के लोगों ने बताया कि वे लोग छोटे जाती के हैं, महादलित परिवार से हैं इसलिए उनके साथ छूआछूत और भेदभाव किया जाता है। जिसके कारण मंदिर के अंदर प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। जबकि मंदिर की सफाई हम ही करते है। उसके बाबजूद भी हमें मंदिर में पूजा करने नहीं दिया जाता है। वही एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि उन्हें भी इस बात की सूचना मिली है।
इस मामले पर स्थानीय पदाधिकारियों और थानाध्यक्ष से वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी गई है। इसके बाद पहले सामाजिक स्तर पर बैठक कर इस मामले को सुलझाना जाएगा। स्थानीय पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की जाएगी। इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया जाएगा और उनके दिशा-निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिर यदि सार्वजनिक है तो सभी को उसमें पूजा करने का अधिकार है।
सौजन्य : Dainik bhaskar
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