महिला, दलित और रोजगार पर कांग्रेस रखेगी अपना एजेंडा; चुनाव प्रचार का बदला पैटर्न
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। साथ ही पूरे राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 जनवरी तक राज्य में चुनावी रैलियां, सभाएं, पदयात्राओं समेत हर तरह के सामाजिक आयोजन पर रोक लगा दी गई है। इस क्रम में जहां हर बड़ी पार्टियों ने अपनी जन सभाओं और रैलियों पर रोक लगाई है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए नया तरीका ईजाद कर लिया है।
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनाव के अंतिम दिन तक पूरी तरह से जनता के बीच अपनी उपस्थिति कायम रखने के मूड में हैं। कांग्रेस इसके लिए चुनावों वाले सभी पांच राज्यों में पूरे दमखम से जनता के मुद्दे जनता के सामने लाने की तैयारी में हैं। इसके लिए कांग्रेस अगले 7 दिनों के बाद से हर चुनावी राज्य के हर जिले में हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। जिले स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कांग्रेस अपने सबसे चर्चित चेहरों के साथ उठाएगी।
हर जिले में हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाएंगे मुद्दें
अगले 7 दिनों के बाद से चुनाव के पहले दिन यानी 10 फरवरी तक कांग्रेस जनता के बीच अपनी उपस्थिति को बनाए रखने के लिए हर राज्य में हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इसमें पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर स्थानीय स्तर तक के चर्चित चेहरों को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस पहले ही ने कोरोना के मद्देनजर बड़ी रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगाने का फैसला कर चुकी है।
वहीं ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान के तहत शुरू की गई मैराथन पर भी रोक लगा दी है। लेकिन यूपी में रण में जनता तक पहुंचाने की कोशिश अब भी जारी है। वहीं कांग्रेस ने इस बार अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस रणनीति से मीडिया स्पेस को ही इस्तेमाल करने की पहल भी है। मीडिया के द्वारा ही पार्टी मुद्दों को जनता के सामने उठाने का प्रयास करेगी।
ये हैं 6 सबसे बड़े मुद्दे
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए राष्ट्रीय स्तर के 6 मुद्दों को चिन्हित किया हैं। जिन्हें सबसे अधिक जोरदार तरीके से उठा कर सरकार को घेरने की तैयारी है।
युवा और रोजगार
दलित और पिछड़ों पर अत्याचार
महिला सम्मान
खेती
अर्थव्यवस्था
एक्स सर्विसमैन
60 बड़े नेताओं की चल रही स्क्रीनिंग
अपने इस नए चुनावी पैंतरा के लिए पार्टी राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिले स्तर तक के बड़े कांग्रेसी नेताओं की स्क्रीनिंग कर रही है। हर जिले में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए करीब 60 नेताओं और कांग्रेस के बड़े चेहरों पर विचार कर रही है। अब देखना ये भी है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में कांग्रेस के इस नए चुनावी अवतार का जनता पर क्या असर पड़ता है। इसका फैसला भी जनता करेगी और सत्ता का फैसला भी जनता के ही हाथों में हैं।
सौजन्य : Dainik bhaskar
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