परिजनों ने छह दिन बाद भी नहीं उठाया दलित युवक का शव, लगातार धरना जारी, जानें पूरा मामला
हिसार। मिरकां गांव निवासी दलित युवक विनोद की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में लगातार छठे दिन ठंड के बावजूद पीड़ित धरने पर बैठे हैं। पीड़ित परिवार ने सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और उनकी मांगें पूरी होने तक शव उठाने से इंकार कर दिया। मृतक विनोद का शव लगातार छठे दिन से पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में डी-फ्रीजर में रखा है। तीन डीएसपी और प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवारों को धरने से उठने के लिए समझाने का प्रयास करते रहे।
सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे लोगों का कहना था कि पुलिस की ओर से बताया गया है कि अब तक आठ आरोपित पकड़े जा चुके हैं, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी पांच की दिखा रही है। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से आरोपितों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोष स्वरूप वे रविवार को क्रांतिमान पार्क में भीम आर्मी सहित कई संगठनों के लोग सुबह 11 बजे एकत्रित हुए। उसके बाद आइजी राकेश कुमार आर्य को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सिविल अस्पताल तक रोष प्रदर्शन भी किया जाएगा। वहीं, धरने पर पुलिस ने स्वजनों को जानकारी दी कि मामले में पांचवें आरोपित संदीप उर्फ डांगी को गिरफ्तार कर लिया है।
डांगी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इससे पहले इस मामले में गिरफ्तार आरोपित इंद्र को जेल भेजा जा चुका है। राजपाल उर्फ गोलू को दो और दिन और भागीरथ और सरपंच के भतीजे विजय का तीन-तीन दिन का रिमांड जारी है। आरोपितों से रिमांड अवधि में वारदात में प्रयुक्त लाठी-डंडे बरामद किए गए हैं। मिरका गांव में अनुसूचित जाति के तीन युवकों की समर्सिबल ट्यूबवेल की पानी की मोटर चोरी करने के आरोप में पिटाई की गई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। दो घायल हैं। इसी मामले को लेकर स्वजन आक्रोशित हैं। नगर निगम सफाई यूनियन के सदस्य और जींद से पहुंचे कार्यकर्ता धरने पर पहुंचे शुक्रवार को नगर निगम से सफाई यूनियन और जींद से कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे।
इस दौरान दोपहर तीन बजे एक बार सभी धरनारत लोगों ने सिविल अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के सामने से पुलिस विरोधी और सरकारी विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान भारी संख्या में पुलिसकर्मी एकत्रित रहे। धरनारत कर्मचारियों ने डीएसपी अशोक से इस दौरान बात की। लेकिन शव उठाने को लेकर कोई सहमति नहीं बनीं। घायल के खाते में नहीं पहुंची आर्थिक मदद शुक्रवार को तहसीलदार हरकेश गुप्ता ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाली मदद के लिए स्वीकृत राशि चार लाख 12 हजार रुपये मृतक विनोद के परिवार के खाते में चार-चार किश्तों में कल डालने की बात कहीं थी। लेकिन शनिवार को मृतक विनोद के भाई दलीप ने कहा कि अभी तक खाते में राशि नहीं आई हैं।
वहीं घायल भालसिंह का खाता नम्बर अब तक नहीं मिला है। जिस वजह से उसकी सहायता राशि भी खाते में नहीं डाली गई हैं। पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग सर्व कर्मचारी संघ जिला हिसार के पदाधिकारियों ने गांव मिरकां में हुए जघन्य हत्याकांड पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेन्द्र यादव, जिला सचिव नरेश गौतम, जिला सहसचिव अशोक सैनी, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुमार, हिसार ब्लाक के प्रधान सुरेन्द्र मान, ब्लाक सचिव ओमप्रकाश माल व ब्लाक कोषाध्यक्ष विनोद प्रभाकर ने प्रशासन से मांग की कि हत्याकांड के आरोपितों की तुरन्त गिरफ्तारी के साथ साथ मृतक के परिवार को पचास लाख रुपय की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की तुरंत घोषणा की जाए ताकि पीड़ित परिवार का गुजर बसर हो सके।
सौजन्य : Hari bhoomi
नोट : यह समाचार मूलरूप से haribhoomi.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !









