पेंशन नहीं दी तो हाई कोर्ट ने उठाया बड़ा कदम, रोक दी सरकारी अधिकारियों की सैलरी
गुरदासपुर में एक शख्स को पेंशन के लिए ऑफिस-ऑफिस का चक्कर लगवाने के मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कई सरकारी अधिकारियों की सैलरी रोक दी है।
हाई कोर्ट बोला, जब तक याचिकाकर्ता को पेंशन नहीं, सरकारी अधिकारियों को सैलरी नहीं
पत्नी की पेंशन के लिए एक बुजुर्ग को ऑफिस-ऑफिस के खेल में फंसाने के आरोप में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चार सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश दे दिया है।हाई कोर्ट ने कहा कि अब बिना कोर्ट की इजाजत के इन बैंक कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों का वेतन रिलीज नहीं किया जाएगा। जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा, जब तक ये सभी कर्मचारी मिलकर याचिकाकर्ता की पेंशन और एरियर का मुद्दा नहीं सुलझाते तब तक किसी को सैलरी नहीं मिलेगी।
2007 से नहीं मिली पेंशन
रिपोर्ट के मुताबिक जगदीश राज अरोड़ा ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल कर कहा था कि उन्हें पत्नी की 2007 से अब तक की पेंशन और एरियर नहीं मिला है। उनकी पत्नी गुरदासपुर में ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर थीं। याचिकाकर्ता की तरफ से वकील जीएस बाल ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता बहुत परेशान है और उसने सारी कोशिशें कर ली हैं। इसके बाद से ही 2007 से एरियर उसे नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि पेंशन जारी करने वाला विभाग केवल याचिकार्ता को ऑफिस के चक्कर कटवा रहा है लेकिन उनकी पेंशन जारी करने को तैयार नहीं है।
पेंशन को लेकर कोई विवाद भी नहीं
कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता का एरियर किसी विवाद में भी नहीं है। इसके बावजूद सरकारी विभाग उन्हें एरियर देने में आनाकानी कर रहे हैं। गुरदासपुर के डायरेक्टर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन की तरफ से बताया गया कि उन्होंने सितंबर 2012 में ही जिले के ट्रेजरी ऑफिसर को पत्र लिखकर कहा था कि उनका एरियर रिलीज कर दिया जाना चाहिए। इसके बाद भी ट्रेजरी ऑफिस ने देर की। वहीं बैंक का कहना है कि बिना ट्रेजरी ऑफिस से हरी झंडी मिले पेंशन नहीं दी जा सकती।
हाई कोर्ट ने जताई चिंता
हाई कोर्ट ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी एक शख्स को अपने अधिकारी के लिए फुटबॉल की तरह धक्के खाने पड़ र हे हैं। सरकारी विभाग जो रवैया अपना रहा है वह बेहद असंवेदनशील है। ऐसे में जब तक कि कोर्ट को यह नहीं बताया जाता कि याचिकाकर्ता की पेंशन दे दी गई है, संबंधित अधिकारियों को सैलरी नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी और वित्ता विभाग को निर्देश दिए कि बिना कोर्ट की इजाजत के गुरदासपुर डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी ऑफिसर को सैलरी ना दी जाए। इसके साथ ही बैक ऑफ इंडिया के डेप्युटी मैनेजर को निर्देश दिया या है कि संबँधित ब्रांच के सीनियर मैनेजर की सैलरीरोक दी जाए। अब इस मामले में 26 नवंबर को सुनवाई होनी है।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









