हत्या के दाेषी नाबालिग को बालिग मानते हुए उम्रकैद तीन हजार रुपये के लिए कर दी थी हत्या
करीब सात साल पहले महज तीन हजार रुपये के विवाद में संदीप की हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वारदात के समय दोषी की उम्र 17 वर्ष थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे वयस्क के रूप में मुकदमे का सामना करना पड़ा। मामले में दो अन्य दोषियों संदीप और रंजीत को अदालत पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
मामला 22 जनवरी 2019 का है। सेक्टर-25 निवासी वासुदेव ने पुलिस को सूचना दी थी कि सुबह करीब 6.45 बजे बाथरूम की ओर जाते समय उसने एक युवक को बेसुध हालत में पड़ा देखा। युवक के शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में सामने आया कि अज्ञात हमलावरों ने युवक पर डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया था और उसे सेक्टर-25 में छोड़कर फरार हो गए थे। बाद में मृतक की पहचान संदीप के रूप में हुई।
पुलिस जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि संदीप के उनसे तीन हजार रुपये लेने थे और इसी रकम को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने संदीप पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी नाबालिग को वयस्क मानकर सुनवाई की और अब उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में पहले सजा पाए दो अन्य आरोपियों को भी उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र








